Indian IPO Market: रिकॉर्डतोड़ कमाई! H1 FY27 में जुटाए **₹84,400 करोड़**

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian IPO Market: रिकॉर्डतोड़ कमाई! H1 FY27 में जुटाए **₹84,400 करोड़**

Indian IPO मार्केट के लिए पहली छमाही जबरदस्त रही है। कंपनियों ने रिकॉर्ड **₹84,400 करोड़** जुटाए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले **30%** अधिक है। हालांकि, बाजार में आने वाली भारी सप्लाई के बीच निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहने की भी जरूरत है।

भारतीय प्राइमरी मार्केट में इस फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1 FY27) काफी हलचल भरी रही। इस दौरान कुल 71 कंपनियों ने मेनबोर्ड पर लिस्ट होकर ₹84,400 करोड़ की पूंजी जुटाई, जो पिछले साल के इसी समय के ₹64,900 करोड़ के मुकाबले 30% का बड़ा उछाल है।

Q2 का दबदबा

जुटाए गए कुल फंड का 94% हिस्सा दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में आया। अकेले सितंबर महीने में ही 32 कंपनियों ने मार्केट में एंट्री ली और ₹40,400 करोड़ जमा किए। मर्चेंट बैंकर्स की यह रणनीति मार्केट लिक्विडिटी को भुनाने की थी, जिससे निवेशकों के लिए एक साथ बड़ी संख्या में नए शेयर्स उपलब्ध हो गए।

सेक्टर का हाल और निवेशकों का रुझान

फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर का दबदबा कायम रहा, जिसने कुल फंड का 43% हिस्सा हासिल किया। निवेशकों का उत्साह भी चरम पर दिखा, जहां लिस्टिंग के दिन का औसत प्रीमियम 18% रहा, जो पिछले साल केवल 10% था। वहीं, रिटेल पार्टिसिपेशन भी बढ़ा और औसतन ओवरसब्सक्रिप्शन 28 गुना तक पहुंच गया। इस दौरान डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹1.69 लाख करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज कर मार्केट को जरूरी सहारा दिया।

आने वाले जोखिम

बाजार की मजबूती के बावजूद, पाइपलाइन में खड़े 100 मेनबोर्ड IPO और 159 SME कंपनियों के कारण सप्लाई का दबाव बढ़ सकता है। अगर एक साथ कई बड़े ऑफर आते हैं, तो मार्केट लिक्विडिटी पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही, सितंबर में Nifty 50 में आई 5.7% की गिरावट यह संकेत देती है कि प्राइमरी मार्केट की चाल सेकेंडरी मार्केट के मूड पर काफी हद तक निर्भर करती है। अब निवेशक सिर्फ लिस्टिंग गेन्स नहीं, बल्कि कंपनियों के फंडामेंटल्स और गवर्नेंस पर ज्यादा बारीकी से नजर रख रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.