भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए सितंबर का महीना ऐतिहासिक रहा है। कुल **31** कंपनियों ने बाजार से **₹39,214 करोड़** की बड़ी रकम जुटाई है। इस उछाल में National Stock Exchange (NSE) के बड़े इश्यू की मुख्य भूमिका रही है।
भारतीय प्राइमरी मार्केट में इस साल की शुरुआत में छाई सुस्ती अब खत्म होती दिख रही है। डेटा के मुताबिक, इस साल के पहले 9 महीनों में कुल 93 मेनबोर्ड कंपनियों ने ₹1.13 लाख करोड़ जुटाए हैं, जिसमें सितंबर का योगदान सबसे अहम रहा है।
NSE का रहा दबदबा
इस तूफानी तेजी के पीछे सबसे बड़ा नाम National Stock Exchange (NSE) रहा है। एक्सचेंज ने अकेले ₹22,562.71 करोड़ जुटाए, जो सितंबर की कुल फंडरेजिंग का लगभग 58% है। इस IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह 5.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। याद रहे, अप्रैल और मई 2026 में मेनबोर्ड लिस्टिंग ना के बराबर थी, जिसके मुकाबले यह परफॉर्मेंस बेहद शानदार है।
अन्य कंपनियों का जलवा
बड़े नामों के अलावा मिड-साइज कंपनियों ने भी निवेशकों को आकर्षित किया है। Rentomojo ने ₹1,255.57 करोड़, Moneyview ने ₹1,091.68 करोड़ और Kanohar Electricals ने ₹1,055.74 करोड़ बाजार से उठाए हैं। इसके अलावा Hero Motors और Karamtara Engineering जैसे इश्यूज ने भी निवेशकों का भरोसा जीता है।
निवेशकों के लिए सावधानी की सलाह
मार्केट में हलचल जरूर है, लेकिन तेजी के बीच निवेशकों को थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है। भारी संख्या में IPO आने से वैल्यूएशन को लेकर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। सिर्फ लिस्टिंग गेन या सब्सक्रिप्शन नंबर्स को देखकर फैसला लेने के बजाय, कंपनियों के कर्ज (Debt) और फ्यूचर प्रॉफिट प्रोजेक्शन पर बारीक नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल, Acevector और Runwal Enterprises जैसे इश्यू अक्टूबर की शुरुआत तक खुले हैं, जिन पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।
