इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) ने IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर फाइल किए हैं। इस IPO में प्रमोटर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) अपनी **1.67 करोड़** शेयर बेचेगी। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी IGX इस लिस्टिंग से कोई नया फंड नहीं जुटाएगी।
IGX IPO: ऑफर फॉर सेल (OFS) का पूरा प्लान
भारत में नेचुरल गैस की ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म चलाने वाली इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) अब शेयर बाज़ार में लिस्ट होने के लिए तैयार है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है। अगर यह प्रक्रिया पूरी होती है, तो IGX भारत के शेयर बाज़ार में लिस्ट होने वाला पहला खास गैस एक्सचेंज बन जाएगा।
इस IPO का पूरा स्ट्रक्चर ऑफर फॉर सेल (OFS) रखा गया है। इसका मतलब है कि मौजूदा प्रमोटर, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX), अपने 1.67 करोड़ शेयर पब्लिक को बेचेगी। क्योंकि यह मौजूदा शेयरों की बिक्री है, IGX को IPO से जुटाई गई रकम का कोई हिस्सा नहीं मिलेगा। कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कोई नया फंड जारी नहीं करेगी।
IGX का बिजनेस ग्रोथ और परफॉरमेंस
नवंबर 2019 में स्थापित होने के बाद से, IGX ने अपने ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026 (मार्च 2026 में समाप्त) तक प्लेटफॉर्म पर ट्रेड की गई गैस की कुल मात्रा 7.679 करोड़ MMBtu तक पहुंच गई। यह फाइनेंशियल ईयर 2024 में दर्ज 4.084 करोड़ MMBtu से काफी ज्यादा है। इस अवधि में कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 37.12% रहा है।
फाइनेंशियल मोर्चे पर, IGX ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹42 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 36.5% ज़्यादा है। वहीं, रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹61 करोड़ हो गया। इस एक्सचेंज में कई बड़े एनर्जी प्लेयर की भी हिस्सेदारी है, जिनमें GAIL (India) Limited, Oil and Natural Gas Corporation, Adani Total Gas, Indian Oil Corporation, और Torrent Gas शामिल हैं, साथ ही NSE Investments भी एक निवेशक है।
मार्केट का नज़रिया और आगे की राह
भले ही एक्सचेंज ने वॉल्यूम में ग्रोथ दिखाई है, लेकिन इसकी लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस भारत में नेचुरल गैस की खपत के बड़े ट्रेंड से जुड़ी हुई है। IGX जैसे ट्रेडिंग एक्सचेंज को तब फायदा होता है जब इंडस्ट्री और पावर प्लांट क्लीनर एनर्जी विकल्पों की ओर बढ़ते हैं या गैस पर अधिक निर्भर होते हैं। हालांकि, निवेशकों को भारत के एनर्जी मिक्स में गैस को अपनाने की भविष्य की दर पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि एक्सचेंज का रेवेन्यू सीधे तौर पर प्लेटफॉर्म पर ट्रेड की गई गैस की मात्रा से जुड़ा है।
मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के विपरीत, एक एक्सचेंज के लिए फाइनेंशियल रिस्क अक्सर उसके रेगुलेटरी माहौल और देश में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट से जुड़ा होता है। चूंकि एक्सचेंज गैस ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, सप्लाई चेन का समग्र स्वास्थ्य ट्रेड वॉल्यूम को प्रभावित करने वाला एक फैक्टर है। Axis Capital और Motilal Oswal Investment Advisors को लिस्टिंग प्रोसेस को मैनेज करने के लिए नियुक्त किया गया है, और कंपनी के शेयर BSE पर लिस्ट होने का इरादा रखती है।
