Indian AI IPOs: भारतीय AI सेक्टर में IPOs की सुनामी, मार्केट में आ सकता है **$100 बिलियन** का बड़ा निवेश

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian AI IPOs: भारतीय AI सेक्टर में IPOs की सुनामी, मार्केट में आ सकता है **$100 बिलियन** का बड़ा निवेश

भारत का AI सेक्टर अब पब्लिक लिस्टिंग के लिए तैयार हो रहा है। उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में **$50 बिलियन** से **$100 बिलियन** तक की नई मार्केट वैल्यू शेयर बाजार में दस्तक देगी, जो हार्डवेयर से हटकर अब सॉफ्टवेयर और डायग्नोस्टिक्स पर केंद्रित होगी।

बाजार में आने वाले नए खिलाड़ी

घरेलू इक्विटी मार्केट में बड़े बदलाव की आहट है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मौजूद 71 प्रमुख AI कंपनियों में से लगभग 25% से 50% कंपनियां अगले 2 से 5 सालों में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकती हैं। यह बदलाव भारतीय इंडेक्स में $50 बिलियन से $100 बिलियन की नई वैल्यू जोड़ सकता है।

हार्डवेयर से सॉफ्टवेयर की ओर बदलाव

अब तक AI का फोकस 'अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर' यानी डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे हार्डवेयर पर रहा है, जिसकी वैल्यू अभी $35 बिलियन के आसपास है। लेकिन अब निवेशक उन कंपनियों पर नजर टिकाए हुए हैं जो एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर विजन, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और कन्वर्सेशनल AI जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। यह साफ संकेत है कि AI का दायरा अब केवल बैकएंड हार्डवेयर तक सीमित नहीं रहा।

फंडिंग की रफ्तार में जबरदस्त उछाल

AI स्टार्टअप्स की फंडामेंटल मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्राइवेट इक्विटी का निवेश तेजी से बढ़ा है। साल 2024 में जहां $1.6 बिलियन की फंडिंग मिली थी, वहीं 2025 में यह उछलकर $5 बिलियन पर पहुंच गई। मौजूदा रुझान बताते हैं कि 2026 के शुरुआती 9 महीनों में ही इतनी फंडिंग मिल चुकी है जितनी पूरे 2025 में मिली थी। अब भारत में कुल प्राइवेट इक्विटी निवेश का 20% हिस्सा AI कंपनियों के पास है, जो 2 साल पहले महज 5% था।

निवेशकों के लिए सावधानी के संकेत

IPOs का आना उत्साहजनक है, लेकिन निवेशकों को 'प्राइवेट' और 'पब्लिक' मार्केट के बीच के अंतर को समझना होगा। जहां प्राइवेट इक्विटी निवेशक अक्सर ग्रोथ के लिए भारी नुकसान (Losses) झेलने को तैयार रहते हैं, वहीं पब्लिक मार्केट में निवेशकों को प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो पर ध्यान देना पड़ता है। वैल्यूएशन गैप और तिमाही नतीजों की सख्ती इन नई कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.