IPO Market Update: अब 'ओल्ड इकोनॉमी' कंपनियों का जलवा, ₹72,165 करोड़ की रिकॉर्ड फंड जुटाने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IPO Market Update: अब 'ओल्ड इकोनॉमी' कंपनियों का जलवा, ₹72,165 करोड़ की रिकॉर्ड फंड जुटाने की तैयारी

2026 में भारतीय IPO मार्केट की तस्वीर बदल रही है। अब टेक कंपनियों की जगह मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग कंपनियां बाजी मार रही हैं। इस साल अब तक कुल ₹72,165 करोड़ जुटाए जा चुके हैं और 164 कंपनियां लाइन में हैं।

भारतीय प्राइमरी मार्केट में साल 2026 एक बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है। अब निवेशक सिर्फ डिजिटल या टेक कंपनियों के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, स्टील, टेक्सटाइल और हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसी ट्रेडिशनल सेक्टर की कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच कुल 60 सफल डील्स के जरिए ₹72,165 करोड़ जुटाए गए हैं, जो मार्केट की विविधता को दर्शाता है।

मार्केट का नया ट्रेंड

आमतौर पर IPO मार्केट बेंचमार्क इंडेक्स की चाल को फॉलो करता है, लेकिन इस बार का साइकिल अलग है। बाजार में सुस्ती के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग कंपनियों में संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की गहरी रुचि दिख रही है।

रिस्क और चुनौतियां

फिलहाल SEBI से मंजूरी प्राप्त 164 कंपनियां कतार में हैं, जिनका कुल ऑफर साइज ₹2.65 ट्रिलियन के आसपास है। एक्सपर्ट्स को डर है कि अगर इतनी सारी कंपनियां एक साथ बाजार में उतरीं, तो मार्केट में सप्लाई का दबाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा, निवेशकों की मानसिकता में भी बदलाव आया है। अब 'हाइप' के पीछे भागने के बजाय क्वालिटी और वैल्यूएशन पर ध्यान दिया जा रहा है। डेटा बताता है कि अभी भी कई रिटेल निवेशक लिस्टिंग गेन्स के लिए 7 दिनों के भीतर शेयर बेच देते हैं, जिससे नए स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में ग्लोबल इंफ्लेशन और जियो-पॉलिटिकल तनाव मार्केट के लिए बड़े जोखिम बने रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.