India IPO Market: अब 'क्वालिटी' का दौर! निवेशकों ने बदली चाल, IPO मार्केट में आया ठंडापन

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India IPO Market: अब 'क्वालिटी' का दौर! निवेशकों ने बदली चाल, IPO मार्केट में आया ठंडापन

भारतीय प्राइमरी मार्केट में अब एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। रिकॉर्ड तोड़ फंड जुटाने के बाद, निवेशक अब खराब मॉडल वाली कंपनियों से किनारा कर रहे हैं। H1 FY27 में कंपनियों ने **₹94,205 करोड़** जुटाए हैं, लेकिन अब बाजार केवल दमदार प्रॉफिट वाली कंपनियों पर दांव लगा रहा है।

भारतीय प्राइमरी मार्केट, जिसने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में ₹94,205 करोड़ की रिकॉर्ड राशि जुटाई, अब पूरी तरह से बदल गया है। अब तक हर नए इश्यू पर टूट पड़ने वाले निवेशक अब स्पेक्युलेटिव (speculative) कहानियों से दूर हो रहे हैं। अब मार्केट का फोकस उन कंपनियों पर है जो असल में मुनाफा कमा रही हैं और जिनके कैश फ्लो (cash flow) में स्पष्टता है।

रिकॉर्ड फंडरेजिंग से चयनात्मक सट्टेबाजी तक

बीते कुछ महीनों तक मार्केट में उत्साह चरम पर था, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। FY27 की पहली छमाही में मेनबोर्ड IPO फंडरेजिंग में पिछले साल के मुकाबले 35% का उछाल देखा गया। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अक्टूबर 2026 में करीब ₹45,000 करोड़ बाजार से बाहर निकाले हैं। वहीं दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने दूसरी तिमाही में ₹1.69 लाख करोड़ का निवेश कर बाजार को सहारा दिया है। अब यह पैसा केवल उन्हीं कंपनियों में जा रहा है जिनकी गवर्नेंस और फंडामेंटल्स मजबूत हैं।

भारी पाइपलाइन की चुनौती

बाजार के सामने एक बड़ी चुनौती है—124 कंपनियां ऐसी हैं जिनके पास SEBI की मंजूरी है और वे कुल ₹2.45 ट्रिलियन जुटाना चाहती हैं। वहीं 130 कंपनियां अभी लाइन में हैं। इतनी बड़ी भीड़ के कारण 'क्राउडिंग-आउट' का खतरा पैदा हो गया है, जहाँ कमजोर बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों को अब निवेशक नहीं मिल रहे हैं।

अब 'ऑटोमैटिक लिस्टिंग गेन्स' का दौर खत्म होता दिख रहा है। हाल ही में Fractal Analytics जैसी कंपनियों की कमजोर शुरुआत ने निवेशकों को सचेत कर दिया है। अब इनवेस्टमेंट बैंक भी एग्रेसिव वैल्यूएशन से बच रहे हैं। भविष्य में किसी भी IPO की सफलता उसकी प्राइसिंग और कंपनी की मजबूती पर निर्भर करेगी। निवेशक अब डेट-टू-इक्विटी रेशियो और महंगाई झेलने की क्षमता जैसे मानकों को बारीकी से देख रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.