दिल्ली की NBFC कंपनी IFL Finance ने IPO के लिए DRHP फाइल किया है। कंपनी **3.55 करोड़** शेयर जारी करेगी ताकि अपनी कैपिटल बढ़ा सके। गोल्ड लोन पर फोकस करने वाली इस कंपनी ने FY26 में **₹21.63 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह कैपिटल इंफ्यूजन कंपनी को बढ़ते NPA के बीच लोन ग्रोथ में कैसे मदद करता है।
Detailed Coverage
IPO से कैपिटल बढ़ाने की तैयारी
दिल्ली की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) IFL Finance ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। इस IPO में 3.55 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और प्रमोटरों द्वारा 30 लाख शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। प्रमोटरों में सुनीता बंसल और कुछ हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) खाते शामिल हैं।
कैपिटल का इस्तेमाल और स्ट्रैटेजी
कंपनी का लक्ष्य रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के तहत एक बेस लेयर NBFC के रूप में अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। ड्राफ्ट के अनुसार, IFL Finance फ्रेश इश्यू से मिले लगभग ₹150 करोड़ का इस्तेमाल अपनी टियर-I कैपिटल बढ़ाने के लिए करेगी। इस कैपिटल का उद्देश्य कंपनी की आगे की लेंडिंग एक्टिविटीज और बिजनेस विस्तार को सपोर्ट करना है। इसके अलावा, 1.15 करोड़ शेयरों तक के प्री-IPO प्लेसमेंट का भी प्रावधान है, जो कि पूरा होने पर फ्रेश इश्यू के साइज को कम कर देगा।
बिजनेस मॉडल और ब्रांच नेटवर्क
यह फर्म मुख्य रूप से गोल्ड लोन सेगमेंट में काम करती है, जो मार्च 2026 तक कंपनी के कुल लोन पोर्टफोलियो का 84.77% था। बाकी बिजनेस में होम लोन 14.33% और प्रॉपर्टी के बदले लोन 0.9% शामिल हैं। कंपनी का नेटवर्क दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फैले 88 ब्रांचों में फैला हुआ है।
वित्तीय प्रदर्शन और एसेट क्वालिटी
मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, IFL Finance ने ₹21.63 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 19.3% की ग्रोथ दिखाता है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) करीब 10% बढ़कर ₹47 करोड़ पर पहुंच गई। जहां कंपनी ग्रोथ दिखा रही है, वहीं लेटेस्ट फाइलिंग में एसेट क्वालिटी का एक ऐसा ट्रेंड सामने आया है जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रखते हैं। कंपनी के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA), जो लोन का वह हिस्सा मापते हैं जिनका भुगतान समय पर नहीं हो रहा है, FY26 में बढ़कर 0.79% हो गए, जो पिछले साल 0.67% थे। इसी तरह, नेट NPA भी 0.46% से बढ़कर 0.58% हो गए।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
सेक्टर में, कंपनी का मुकाबला Muthoot Finance, SBFC Finance और Capri Global Capital जैसे स्थापित खिलाड़ियों से है। बाजार में उतरने की तैयारी कर रही इस कंपनी के लिए संभावित निवेशकों के लिए मुख्य बातें यह होंगी कि वह बढ़ते बैड लोन को मैनेज करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है, साथ ही अपनी ब्रांच विस्तार की रणनीति को कितनी सफलतापूर्वक लागू करती है। Aryaman Financial Services को IPO प्रोसेस मैनेज करने के लिए एकमात्र मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है।
