Hy-Tech Engineers 1 सितंबर, 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। कंपनी का IPO 244.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिससे इसने ₹135.73 करोड़ जुटाए हैं।
भारी डिमांड के बीच लिस्टिंग की तैयारी
Hy-Tech Engineers अब पब्लिक मार्केट में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। 27 अगस्त को बंद हुए इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, जिसमें कुल सब्सक्रिप्शन 244.41 गुना रहा। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया और उनका कोटा 402.29 गुना भर गया। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 255.77 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स का कोटा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कंपनी का कारोबार और वित्तीय स्थिति
चार दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली यह कंपनी हाइड्रोलिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की एक दिग्गज खिलाड़ी है, जिसके पास 11,000 से ज्यादा स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स (SKUs) हैं। ये उत्पाद कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोटिव और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का रेवेन्यू ₹189.40 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹22.59 करोड़ रहा है। कंपनी का EBITDA मार्जिन करीब 22% है और इसका P/E वैल्यूएशन 22.25 के आसपास है।
कंपनी जुटाए गए ₹135.73 करोड़ में से ₹60 करोड़ का उपयोग कावते, शिरवल और पीथमपुर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार और कर्ज कम करने के लिए करेगी।
निवेशक इन जोखिमों पर रखें नजर
ग्रे मार्केट में कंपनी को 80% तक का तगड़ा लिस्टिंग प्रीमियम मिलने की चर्चा है, लेकिन एक्सपर्ट्स अनऑफिशियल डेटा के बजाय कंपनी के बिजनेस रिस्क को देखने की सलाह देते हैं। सबसे बड़ा रिस्क 'कस्टमर कंसंट्रेशन' का है, क्योंकि कंपनी का ज्यादातर रेवेन्यू टॉप 10 ग्राहकों से आता है। साथ ही, लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स की कमी और स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन होने वाली प्राइस डिस्कवरी और आगे के क्वार्टरली नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
