ऑटो-टेक कंपनी Hero Motors की शेयर बाजार में शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। कंपनी का शेयर अपने ₹84 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹82.10 पर लिस्ट हुआ है, जो निवेशकों के लिए निराशाजनक है।
बाजार में सुस्त आगाज
बुधवार को शेयर बाजार में Hero Motors की लिस्टिंग काफी चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का शेयर BSE पर ₹82.10 और NSE पर ₹82 पर खुला, जो इसके IPO प्राइस ₹84 के मुकाबले 2.3% की गिरावट दर्शाता है। यह परफॉर्मेंस साफ संकेत देती है कि कंपनी के वैल्युएशन और आने वाले समय की ग्रोथ को लेकर बाजार अभी सतर्क रुख अपना रहा है।
IPO का गणित
18 सितंबर को बंद हुए इस IPO को निवेशकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली थी। कुल मिलाकर यह इश्यू 6.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल निवेशकों ने 8.23 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने 9.86 गुना दिलचस्पी दिखाई, जबकि संस्थागत निवेशकों (QIBs) की तरफ से रिस्पॉन्स थोड़ा सुस्त रहा और उनका हिस्सा सिर्फ 1.49 गुना ही भरा।
कारोबार की मजबूती
Hero Motors मुख्य रूप से पावरट्रेन सॉल्यूशंस और अलॉय सेगमेंट में काम करती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें, तो कंपनी की कुल रेवेन्यू में पावरट्रेन सॉल्यूशंस का योगदान 53.67% और अलॉय एंड मेटालिक्स का 46.33% रहा। भारत, यूके और थाईलैंड में फैली 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के जरिए कंपनी BMW, Ducati और Formula Motorsport जैसे ग्लोबल दिग्गजों को कल-पुर्जे सप्लाई करती है।
आगे की राह
IPO के जरिए जुटाए गए ₹600 करोड़ के फ्रेश फंड का इस्तेमाल कंपनी ग्रोथ और कर्ज कम करने में करेगी, जिस पर अब निवेशकों की नजर होगी। इसके अलावा, कंपनी का ग्लोबल ऑटो सेक्टर पर ज्यादा निर्भर होना एक बड़ा फैक्टर है। दुनिया भर में वाहन उत्पादन में उतार-चढ़ाव या ऑटो टेक्नोलॉजी में बदलाव सीधे कंपनी के मार्जिन और मुनाफे पर असर डाल सकते हैं। अब निवेशक कंपनी के अगले तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री का बेसब्री से इंतजार करेंगे ताकि यह समझा जा सके कि कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कैसे बनाए रखती है।
