Hero Motors का **₹1,000 करोड़** का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक **18 सितंबर** तक इसमें बोली लगा सकते हैं। कंपनी का फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल एक्सपेंशन पर है, लेकिन इसमें क्लाइंट कंसंट्रेशन और नेगेटिव कैश फ्लो जैसे जोखिम भी हैं।
इश्यू की मुख्य बातें
Hero Motors का IPO आज, 16 सितंबर 2026 को निवेश के लिए खुल चुका है और यह 18 सितंबर तक खुला रहेगा। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,000 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसमें ₹600 करोड़ के फ्रेश शेयर और ₹400 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹79 से ₹84 के बीच तय किया है। एक रिटेल निवेशक को कम से कम 178 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए ₹14,952 का निवेश करना जरूरी है।
बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी स्पेस में एक प्रमुख नाम है और इलेक्ट्रिक व पारंपरिक दोनों तरह के वाहनों के लिए पावरट्रेन समाधान मुहैया कराती है। पब्लिक इश्यू से पहले एंकर राउंड में कंपनी ने ₹300 करोड़ जुटाए हैं, जो संस्थागत निवेशकों के भरोसे को दिखाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,188.4 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹41.2 करोड़ दर्ज किया गया।
हालांकि, कंपनी का 77% रेवेन्यू अभी भी पारंपरिक कम्बस्शन इंजन टेक्नोलॉजी से आता है, जो यह दर्शाता है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर शिफ्ट होने की चुनौती बनी हुई है।
निवेश के जोखिम (Risks for Investors)
निवेशकों को इन तीन बड़े जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी का करीब 36% रेवेन्यू सिर्फ एक टॉप कस्टमर से आता है, जो एक बड़ा डिपेंडेंसी रिस्क है।
- नेगेटिव कैश फ्लो: पिछले तीन सालों में कंपनी का क्युमुलेटिव फ्री कैश फ्लो नेगेटिव रहा है।
- हाई वैल्यूएशन: IPO का P/E मल्टीपल करीब 92x है, जो Sona BLW, Uno Minda और Varroc Engineering जैसे साथियों के मुकाबले काफी प्रीमियम है।
इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए किया जाएगा। कंपनी की लिस्टिंग 23 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर संभावित है।
