Hero Motors का **₹1,000 करोड़** का IPO आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक **16 से 18 सितंबर 2026** तक इसमें पैसा लगा सकते हैं। कंपनी **₹79–₹84** के प्राइस बैंड पर शेयर ला रही है, लेकिन **92x** की ऊंची वैल्यूएशन और क्लाइंट कंसंट्रेशन रिस्क चर्चा का विषय बना हुआ है।
IPO डिटेल्स और उद्देश्य
Hero Motors के इस ₹1,000 करोड़ के IPO में ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि ₹400 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट का साइज 178 शेयर रखा गया है। कंपनी की लिस्टिंग 23 सितंबर 2026 को तय की गई है, और जुटाई गई राशि का उपयोग बिजनेस विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए किया जाएगा।
वैल्यूएशन पर सवाल
बाजार के जानकारों की नजर कंपनी के 92x के P/E मल्टीपल पर है। ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की अन्य स्थापित कंपनियों के मुकाबले यह काफी प्रीमियम वैल्यूएशन है। हालांकि मैनेजमेंट का पूरा जोर भविष्य की ग्रोथ यानी ई-मोबिलिटी (E-mobility) पर है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर कदम
कंपनी ने EV सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत की है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कुल रेवेन्यू का 23% हिस्सा EV बिजनेस से आया, जो कि FY24 में केवल 12% था। कंपनी इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के 2-4% की तुलना में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर काफी ज्यादा खर्च कर रही है।
निवेश के जोखिम (Risks)
निवेशकों को कुछ बड़ी चुनौतियों पर भी ध्यान देना चाहिए:
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स से 73% रेवेन्यू आता है। अकेले एक क्लाइंट से कंपनी को 35% से ज्यादा कमाई होती है, जो बड़ा जोखिम है।
- इंटरनेशनल मार्केट: कुल रेवेन्यू का 41% हिस्सा यूरोप जैसे विदेशी बाजारों से आता है, जिससे जियोपॉलिटिकल और ट्रेड पॉलिसी में बदलाव का सीधा असर पड़ सकता है।
- कैश फ्लो: भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर के कारण फिलहाल फ्री कैश फ्लो नेगेटिव है।
FY26 में कंपनी ने ₹1,216.74 करोड़ के कुल इनकम पर ₹41.17 करोड़ का मुनाफा कमाया है। अब देखना यह है कि नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल कंपनी कितनी कुशलता से करती है।
