Hero Motors के ₹1,000 करोड़ के IPO का अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है। कंपनी का इश्यू **6.66 गुना** सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी के बावजूद, कमजोर इंस्टीट्यूशनल डिमांड और नेगेटिव ग्रे मार्केट प्रीमियम से निवेशकों में सावधानी देखी जा रही है।
अलॉटमेंट का गणित
Hero Motors के IPO को निवेशकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी ने ₹79 से ₹84 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। कुल 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 58.97 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। अब निवेशक अपने अलॉटमेंट स्टेटस की जांच KFin Technologies की वेबसाइट पर कर सकते हैं। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE पर लिस्ट होंगे।
अलग-अलग निवेशकों का रुझान
इश्यू में रिटेल निवेशकों और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने जमकर दांव लगाया है, जहां उनका कोटा क्रमशः 8.23 गुना और 9.86 गुना भरा। हालांकि, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की भागीदारी केवल 1.49 गुना ही रही। मार्केट जानकारों का मानना है कि इंस्टीट्यूशनल दिलचस्पी की कमी किसी भी नए शेयर के लिए लॉन्ग टर्म सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है।
ग्रे मार्केट में मायूसी
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) नेगेटिव में चला गया है, जो -₹2 पर ट्रेड कर रहा है। यह अनौपचारिक संकेत बताता है कि शेयर अपनी अपर प्राइस बैंड यानी ₹84 के नीचे लिस्ट हो सकता है। हालांकि, GMP का डेटा अक्सर बदलता रहता है और लिस्टिंग वाले दिन की डिमांड ही असली तस्वीर साफ करेगी।
फंड का इस्तेमाल
कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹300 करोड़ जुटाए थे, जिसमें Societe Generale, ICICI Prudential AMC और Edelweiss Life Insurance जैसे बड़े नाम शामिल हैं। IPO से मिलने वाली ₹600 करोड़ की फ्रेश इश्यू राशि का ₹190 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹200 करोड़ गौतम बुद्ध नगर प्लांट की क्षमता बढ़ाने में खर्च किए जाएंगे।
