HGS (India) Limited का आईपीओ जबरदस्त रिस्पांस के साथ बंद हुआ है। कंपनी ने कुल **247.12 गुना** सब्सक्रिप्शन हासिल किया है। यह आईपीओ **₹34.56 करोड़** जुटाने के लिए लाया गया था और अब **6 नवंबर** को NSE SME प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग होगी।
निवेशकों ने HGS (India) के आईपीओ पर जमकर दांव लगाया है। 3 नवंबर, 2026 को बंद हुए इस इश्यू को निवेशकों से जबरदस्त समर्थन मिला। आंकड़ों पर नजर डालें तो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की कैटेगरी सबसे आगे रही, जहां 424.65 गुना बोलियां मिलीं। रिटेल निवेशकों ने 232.80 गुना और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 137.92 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज कराया।
फंड का इस्तेमाल और ग्रोथ प्लान
कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए ₹34.56 करोड़ जुटाए हैं, जिसमें ₹27.91 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹6.65 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी अपने मानेसर, गुरुग्राम प्लांट में नई मशीनरी लगाने के लिए ₹15.04 करोड़ खर्च करेगी। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹3.26 करोड़ और इन-हाउस गोल्ड प्लेटिंग सुविधा के लिए ₹1.05 करोड़ का निवेश किया जाएगा। ये कदम कंपनी के जियोफोन और सीस्मिक केबल जैसे मुख्य उत्पादों की प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे हैं।
फाइनेंशियल और रिस्क फैक्टर
मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने ₹11.64 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, हालांकि रेवेन्यू में 8% की गिरावट आई है, जो घटकर ₹45.16 करोड़ रह गया है। जानकारों का मानना है कि निवेशकों को कंपनी के एक्सपोर्ट मार्केट पर निर्भरता और विदेशी मुद्रा दरों में उतार-चढ़ाव जैसे रिस्क को भी ध्यान में रखना चाहिए। रॉ मटेरियल के लिए आयात पर निर्भरता भी एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है। अब सभी की नजरें 6 नवंबर को होने वाली मार्केट डेब्यू पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि लिस्टिंग के बाद शेयर का प्रदर्शन कैसा रहता है।
