Gulf Lloyds India के IPO में निवेशकों का उत्साह दूसरे दिन के अंत तक जारी रहा। IPO **8.3** गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें रिटेल निवेशकों का योगदान सबसे बड़ा रहा, जिन्होंने अपने कोटे से **14.4** गुना ज्यादा बोली लगाई। कंपनी **₹18.19 करोड़** जुटा रही है, जिसका इस्तेमाल ऑफिस विस्तार, कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाएगा।
Detailed Coverage
IPO में निवेशकों की भारी भीड़
Gulf Lloyds India का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) दूसरे दिन, 21 जुलाई 2026 तक, 8.3 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। उपलब्ध 17.28 लाख शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 1.43 करोड़ शेयरों के लिए बिड किया है। यह इश्यू 22 जुलाई 2026 को बंद होगा।
रिटेल और संस्थागत मांग
इस जबरदस्त मांग के पीछे रिटेल निवेशकों का बड़ा हाथ रहा, जिन्होंने अपने लिए आरक्षित हिस्से को 14.4 गुना सब्सक्राइब किया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (HNI) ने अपने कोटे का 2.2 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल किया। यह भागीदारी कंपनी के बिजनेस मॉडल में निवेशकों की रुचि को दर्शाती है, जो ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और ट्रेनिंग सर्विसेज पर केंद्रित है।
कंपनी की वित्तीय योजना
गुजरात स्थित Gulf Lloyds India, ₹100 प्रति शेयर के भाव पर ₹18.19 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है। इन फंड्स का एक बड़ा हिस्सा ऑफिस स्पेस खरीदने (₹3.71 करोड़), असुरक्षित लोन चुकाने (₹3 करोड़) और वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने (₹7.15 करोड़) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। शेष ₹2.33 करोड़ का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।
भविष्य की लिस्टिंग और व्यापार
यह कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की तैयारी में है, जिसकी उम्मीद 27 जुलाई 2026 को है। Interactive Financial Services इस इश्यू के लिए मैनेजर के तौर पर काम कर रही है।
