Glass Wall Systems का **₹427.89 करोड़** का IPO निवेश के लिए खुला है और दूसरे दिन के अंत तक इसे **4 गुना** सब्सक्राइब किया जा चुका है। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की ओर से मिल रही जबरदस्त मांग के बीच यह इश्यू **10 सितंबर** को बंद होगा।
IPO का गणित और विस्तार की योजना
कंपनी कुल ₹427.89 करोड़ जुटाने की तैयारी में है, जिसमें ₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹367.89 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। जुटाई गई राशि का मुख्य हिस्सा विले भागड़ (Vile Bhagad) में नई ग्लास प्रोसेसिंग यूनिट बनाने पर खर्च किया जाएगा, जिससे कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो कंपनी ने करीब ₹457 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹83.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि इनका डेट-टू-इक्विटी रेशियो महज 0.03 है, जो एक मजबूत स्थिति दर्शाता है।
रिस्क फैक्टर को समझें (Investor Alert)
निवेशकों को दांव लगाने से पहले कुछ चुनौतियों पर गौर करना चाहिए:
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी का रेवेन्यू कुछ गिने-चुने ग्राहकों पर ही निर्भर है।
- रॉ मटेरियल रिस्क: एल्युमीनियम और परफॉरमेंस ग्लास की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
- ऑपरेशनल रिस्क: कंपनी फिलहाल एक ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर निर्भर है और अमेरिकी व ऑस्ट्रेलियाई बाजारों में निर्यात के कारण करेंसी फ्लक्चुएशन का रिस्क भी बना रहता है।
ग्रे मार्केट (Grey Market) में प्रीमियम की खबरें चर्चा में हैं, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ये पूरी तरह सट्टा आधारित होती हैं। कंपनी के शेयर 16 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
