Glass Wall Systems (India) का IPO 8 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹182 के भाव पर ₹128.37 करोड़ जुटा लिए हैं।
एंकर निवेशकों का भरोसा
Glass Wall Systems (India) Ltd. ने अपने IPO से पहले संस्थागत निवेशकों का भरोसा हासिल कर लिया है। कंपनी ने HDFC Mutual Fund और Bank of India Mutual Fund जैसे बड़े नामों को 70 लाख से ज्यादा शेयर अलॉट किए हैं। एंकर निवेशकों के लिए प्रति शेयर भाव ₹182 तय किया गया है, जो कि इश्यू का ऊपरी प्राइस बैंड है।
इश्यू का गणित
कुल ₹428 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹172 से ₹182 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशक इस IPO के लिए 8 सितंबर से 10 सितंबर तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग 16 सितंबर, 2026 को होने की उम्मीद है।
OFS का बड़ा हिस्सा
निवेशकों को एक बात गौर से समझनी चाहिए—इस IPO का बड़ा हिस्सा 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। कुल इश्यू में से केवल ₹60 करोड़ नए शेयर (Fresh Issue) के रूप में आएंगे, जबकि ₹367.89 करोड़ के शेयर पुराने शेयरधारक बेच रहे हैं। यानी करीब 86% पैसा कंपनी की ग्रोथ के बजाय प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों की जेब में जाएगा। नया फंड महाराष्ट्र के विले भागड़ में ग्लास प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में खर्च किया जाएगा।
मजबूत फंडामेंटल और जोखिम
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत है। FY26 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 43.01% है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो महज 0.03 है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है:
- कंसंट्रेशन रिस्क: कंपनी का 86.4% रेवेन्यू सिर्फ शीर्ष 10 क्लाइंट्स से आता है।
- मैन्युफैक्चरिंग रिस्क: पूरा प्रोडक्शन महाराष्ट्र की एक ही यूनिट पर निर्भर है।
- सेक्टर रिस्क: रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कंपनी पर पड़ता है।
