German Green Steel and Power की शेयर बाजार में शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। **₹139** के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर **8%** नीचे लुढ़क गए हैं। हालांकि, IPO को **28.98 गुना** सब्सक्राइब किया गया था, लेकिन लिस्टिंग के बाद हुई भारी बिकवाली ने निवेशकों को मायूस कर दिया है।
German Green Steel and Power की आज शेयर बाजार में हुई एंट्री काफी फीकी रही। कंपनी ने अपने शेयर का इश्यू प्राइस ₹139 तय किया था, लेकिन बाजार में खुलते ही इसमें भारी बिकवाली देखने को मिली। मिड-सेशन तक आते-आते यह स्टॉक BSE और NSE पर ₹127 के निचले स्तर तक जा पहुंचा।
शानदार सब्सक्रिप्शन, फिर भी गिरावट क्यों?
IPO के दौरान का रिस्पॉन्स बेहद शानदार था। ₹304 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों ने 28.98 गुना सब्सक्राइब किया था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 54 गुना तक बोलियां लगाई थीं। बावजूद इसके, लिस्टिंग के दिन ही हुई यह गिरावट उन ट्रेडर्स का संकेत है जो लिस्टिंग गेन्स की उम्मीद में थे लेकिन प्रीमियम न मिलने पर उन्होंने मुनाफावसूली (Profit-booking) कर ली।
कंपनी का भविष्य और प्लान
लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए कंपनी का अगला कदम अहम है। कंपनी TMT बार, MS बिलेट्स और स्पंज आयरन बनाती है। फाइनेंशियल डेटा पर नजर डालें तो FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,679 करोड़ रहा है, जो FY24 में ₹1,130 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹79.9 करोड़ हो गया है।
कंपनी का प्लान है कि IPO से जुटाए गए ₹290 करोड़ का इस्तेमाल समखियाली मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार में किया जाए। साथ ही, कंपनी विंड और सोलर पावर प्रोजेक्ट्स पर भी फोकस कर रही है ताकि बिजली की लागत को कम किया जा सके और कर्ज का बोझ घटाया जा सके।
क्या हैं चुनौतियां?
स्टील सेक्टर में प्रॉफिट मार्जिन ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों और कच्चे माल की लागत पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है। इसके अलावा, कंपनी की बिक्री मुख्य रूप से गुजरात मार्केट पर टिकी है। ऐसे में किसी भी क्षेत्रीय मंदी का असर सीधे कंपनी के रेवेन्यू पर पड़ सकता है। आने वाले क्वार्टर्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट अपने फंड का इस्तेमाल कितनी कुशलता से करता है और क्या वो मार्जिन को बनाए रख पाते हैं।
