German Green Steel and Power का **₹303.9 करोड़** का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक **25 सितंबर से 29 सितंबर 2026** तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल गुजरात प्लांट के विस्तार और कर्ज चुकाने में करेगी।
आईपीओ की मुख्य डिटेल्स
German Green Steel and Power के इस आईपीओ में हिस्सा लेने के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 107 शेयरों के लॉट के लिए बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए ₹14,873 का न्यूनतम निवेश करना जरूरी है।
विस्तार और कर्ज कम करने का रोडमैप
कंपनी इस आईपीओ के जरिए ₹290 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी कर रही है। इस राशि का बड़ा हिस्सा गुजरात के समाखियाली (Samakhiyali) में स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कर्ज का बोझ कम करने की योजना बना रही है। मैनेजमेंट का फोकस भविष्य में हाइब्रिड विंड और सोलर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश करने का भी है, ताकि पावर लागत को नियंत्रित रखा जा सके।
फाइनेंशियल ग्रोथ की रफ्तार
कंपनी के रेवेन्यू में जोरदार उछाल देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेवेन्यू बढ़कर ₹1,679 करोड़ पहुंच गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹1,129.8 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹79.9 करोड़ रहा है। ग्रोथ के लिए कंपनी ने JSW One Distribution के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग समझौता भी किया है।
रिस्क और वैल्युएशन
निवेशकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। कंपनी के कुल रेवेन्यू का 50% से अधिक हिस्सा टॉप 10 क्लाइंट्स से आता है, जो ग्राहक निर्भरता (Client Concentration) का रिस्क पैदा करता है। साथ ही, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। वैल्युएशन की बात करें तो स्टॉक 13.1x P/E और 8.2x EV/EBITDA पर मिल रहा है। Anand Rathi जैसे ब्रोकरेज ने इसे 'लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब' की रेटिंग दी है, लेकिन निवेशकों को सेक्टर की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लेना चाहिए।
