German Green Steel and Power के IPO पर दांव लगाने वाले निवेशकों का इंतजार खत्म हो गया है। कंपनी ने अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब सफल आवेदकों के डीमैट अकाउंट में शेयर **1 अक्टूबर** तक पहुंच जाएंगे।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग की डिटेल्स
₹303.90 करोड़ के इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। कुल मिलाकर यह इश्यू 28.98 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 54.03 गुना और रिटेल हिस्सा 22.83 गुना भरा था। अब बाजार की नजरें 5 अक्टूबर, 2026 पर हैं, जब यह शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर डेब्यू करेगा।
फंड का इस्तेमाल और कर्ज कम करने की रणनीति
कंपनी आईपीओ से मिली राशि में से ₹226.33 करोड़ का इस्तेमाल अपने कैपिटल एक्सपेंशन पर करेगी। यह पैसा कच्छ, गुजरात के समाखियाली में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के अपग्रेड और विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट में लगाया जाएगा। इसके अलावा, ₹7.70 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज घटाने में होगा। मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल ₹334.37 करोड़ का कर्ज था, जिसे कम करना कंपनी की प्राथमिकता है।
फाइनेंशियल्स और मार्केट सेंटीमेंट
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹1,685.38 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹1,517.21 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹79.89 करोड़ पहुंच गया है। ग्रे मार्केट में शेयर लगभग 9.71% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, लिस्टिंग वाले दिन बाजार की वोलेटिलिटी का असर शेयर के भाव पर दिख सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है।
