Gaja Alternative Asset Management: दमदार लिस्टिंग! **16%** के प्रीमियम के साथ हुई शुरुआत

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gaja Alternative Asset Management: दमदार लिस्टिंग! **16%** के प्रीमियम के साथ हुई शुरुआत

Gaja Alternative Asset Management ने **26 अगस्त 2026** को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की है। अपने **₹160** के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर **16%** के उछाल के साथ लिस्ट हुआ। भारत की यह पहली लिस्टेड 'प्योर-प्ले' प्राइवेट इक्विटी फर्म है, जिसका IPO **31 गुना** से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।

Gaja Alternative Asset Management ने भारतीय शेयर बाजार में कदम रखते ही निवेशकों का भरोसा जीता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर की ओपनिंग ₹185 से ₹185.20 के बीच रही, जो कंपनी के ₹160 के IPO प्राइस से लगभग 16% ऊपर है। ₹550 करोड़ के इस IPO के लिए निवेशकों की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 31 गुना से अधिक भरा गया था।

प्राइवेट इक्विटी तक आम निवेशकों की पहुंच

अब तक प्राइवेट इक्विटी (PE) जैसे एसेट क्लास में केवल बड़े संस्थान या अमीर निवेशक ही पैसा लगा पाते थे। लेकिन, Gaja के लिस्ट होने से अब रिटेल निवेशक भी सीधे इस इकोसिस्टम का हिस्सा बन सकते हैं। यह भारत की पहली ऐसी फर्म है जो पूरी तरह से प्राइवेट इक्विटी पर केंद्रित है, जिससे इस सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

कमाई का मॉडल और फाइनेंशियल हेल्थ

वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की रेवेन्यू ₹157.80 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट ₹81.96 करोड़ दर्ज किया गया। इसका EBITDA मार्जिन 45.66% रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि इनकी कमाई का बड़ा हिस्सा 'परफॉर्मेंस-बेस्ड' होता है। यानी, जब कंपनी अपने निवेश किए गए फंड्स से बेहतर रिटर्न निकालती है, तभी उसे 'कैरीड इंटरेस्ट' के जरिए मुनाफा होता है। इसी वजह से इनकी कमाई में समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

ग्रोथ प्लान और रिस्क फैक्टर्स

IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने नए फंड्स, जैसे 'फंड V' और 'सेकंडरी फंड' में करेगी। लेकिन, इन नए फंड्स का कोई पुराना ट्रैक रिकॉर्ड न होना एक 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है। इसके अलावा, कंपनी का मुनाफा बाजार में लिक्विडिटी और इकोनॉमिक हालात पर काफी निर्भर करता है। भविष्य में निवेश करने से पहले निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपने फंड्स से कैसा परफॉर्म करती है और बाजार में पूंजी जुटाने की उसकी रफ्तार कैसी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.