शेयर बाजार में Fusion CX की लिस्टिंग कुछ खास जोश के साथ नहीं हुई। कंपनी का शेयर BSE पर ₹292 और NSE पर ₹305 पर लिस्ट हुआ। निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच अब कंपनी का फोकस कर्ज घटाने और नई टेक्नोलॉजी पर होगा।
शेयर बाजार में Fusion CX की एंट्री काफी धीमी रही। BSE पर शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹289 के मुकाबले 1.04% की बढ़त के साथ ₹292 पर ओपन हुआ। वहीं, NSE पर प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा, जहाँ शेयर 5.54% उछलकर ₹305 पर लिस्ट हुआ। यह परफॉर्मेंस कंपनी के उस IPO के बाद आई है, जिसे निवेशकों ने 3.33 गुना सब्सक्राइब किया था।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़े
14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक चले इस IPO में रिटेल निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई और उनका कोटा 3.93 गुना भरा। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का कोटा 3.61 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 2.98 गुना सब्सक्राइब हुआ। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह औसत सब्सक्रिप्शन दिखाता है कि निवेशक कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर काफी सतर्क हैं।
कर्ज कम करने और टेक निवेश पर दांव
कंपनी ने इस IPO के जरिए कुल ₹702 करोड़ जुटाए हैं, जिसमें से ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। कंपनी का बड़ा फोकस कर्ज चुकाने पर है, जिसके लिए ₹275 करोड़ आवंटित किए गए हैं। कर्ज कम होने से कंपनी की ब्याज लागत घटेगी, जिससे नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
इसके अलावा, कंपनी ₹61 करोड़ का निवेश अपनी सब्सिडियरीज Omind Technologies Inc और Omind Technologies Pvt Ltd में करेगी। कंपनी का मकसद अपने इन-हाउस टूल्स जैसे 'Arya' और 'MindVoice' को मजबूत करना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी की यह टेक्नोलॉजी रणनीति लॉन्ग टर्म में मुनाफा बढ़ाने में कितनी सफल होती है।
