कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर Functional and Innovative Foods को अपना IPO लाने के लिए SEBI की मंजूरी मिल गई है। कंपनी इस इश्यू के जरिए **60 लाख** नए शेयर जारी करेगी और प्रमोटर **25 लाख** शेयरों की बिक्री करेंगे।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने Functional and Innovative Foods को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की फाइनल मंजूरी दे दी है। तमिलनाडु स्थित यह कंपनी रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक फूड प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है और FMCG सेक्टर के बड़े दिग्गजों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करती है।
इस पब्लिक इश्यू में कुल 85 लाख इक्विटी शेयर शामिल होंगे, जिसमें 60 लाख नए शेयर और प्रमोटर सेंथिल कुमार चिन्नासामी द्वारा 25 लाख शेयरों की बिक्री (OFS) शामिल है।
विस्तार और कर्ज पर फोकस
कंपनी ने जुटाई गई राशि के इस्तेमाल की स्पष्ट रणनीति बनाई है। इसमें से ₹17.3 करोड़ तमिलनाडु के नमक्कल में एक नई फैसिलिटी बनाने पर और ₹19.6 करोड़ मध्य प्रदेश के धार में छठी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी ने ₹30 करोड़ अपने और अपनी सब्सिडियरी, Christy Quality Foods (India), का कर्ज घटाने के लिए आवंटित किए हैं। बाकी ₹15 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों में लगाए जाएंगे।
बिजनेस मॉडल और क्लाइंट्स
कंपनी Marico, Kellogg India और BigBasket जैसे बड़े ब्रांड्स की सप्लायर है। दिसंबर 2025 तक, कंपनी की 67% रेवेन्यू प्राइवेट-लेबल कॉन्ट्रैक्ट्स से आई थी। हालांकि यह एक स्थिर ऑर्डर फ्लो देता है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह के B2B मॉडल में क्लाइंट कंसंट्रेशन का रिस्क होता है। कच्चा माल महंगा होने पर मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए नए प्लांट की एफिशिएंसी और ऑपरेशंस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
