जनवरी में IPOs की रफ्तार थोड़ी धीमी रहने के बाद, अब भारतीय प्राइमरी मार्केट में फिर से जान आने की उम्मीद जगी है। अगले हफ़्ते दो बड़ी कंपनियां - AI एनालिटिक्स की दुनिया में हलचल मचाने वाली Fractal और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए कर्ज देने वाली Aye Finance - अपना IPO लेकर आ रही हैं। यह प्राइमरी मार्केट में एक बड़े रिवाइवल (Revival) का मजबूत संकेत है।
Fractal, जो एंटरप्राइज AI और डिसीजन मेकिंग सॉल्यूशंस में एक लीडिंग (Leading) नाम है, करीब ₹2,800 करोड़ जुटाने का प्लान बना रही है। यह आंकड़ा पहले ₹4,900 करोड़ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य से कम है। जानकारों का मानना है कि यह मौजूदा मार्केट कंडीशंस (Market Conditions) के प्रति एक प्रैक्टिकल (Practical) रिस्पॉन्स या फंड जुटाने की ज़रूरतों को रीकैलिब्रेट (Recalibrate) करने का संकेत हो सकता है। IPO से पहले Fractal का वैल्यूएशन (Valuation) लगभग $1 बिलियन के आसपास था, जिससे कंपनी अपने ग्लोबल AI सॉल्यूशंस और Cogentiq प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम हासिल करने की उम्मीद कर रही है। निवेशकों की नज़रें इसकी Latent View Analytics और Cigniti Technologies जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले पोजीशनिंग पर रहेंगी।
दूसरी ओर, Aye Finance, जो MSME सेगमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) है, बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स जैसे Alphabet और Elevation Capital के बैकअप के साथ मार्केट में उतर रही है। भारत की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले MSME सेक्टर में Aye Finance का फोकस, डिजिटल एडॉप्शन (Digital Adoption) और सरकारी पहलों (Government Initiatives) से इस सेक्टर की ग्रोथ के साथ जुड़ता है। हालांकि IPO साइज की जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन कंपनी का मजबूत निवेशक प्रोफाइल और इस महत्वपूर्ण सेक्टर में ट्रैक रिकॉर्ड (Track Record) निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
Poonawalla Fincorp और Shriram Finance जैसी लिस्टेड NBFCs के प्रदर्शन से पता चलता है कि अच्छी एसेट क्वालिटी (Asset Quality), कुशल रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) और स्केलेबल डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म (Digital Lending Platform) वाली कंपनियां निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रही हैं। ऐसे में Aye Finance का रोडमैप (Roadmap) अहम होगा।
बाजार के जानकार बताते हैं कि यह वाकई प्राइमरी मार्केट के लिए एक 'चेंजिंग टाइम्स' (Changing Times) का संकेत है। जनवरी में IPO की सुस्ती के बाद, यूएस-इंडिया ट्रेड डेवलपमेंट (US-India Trade Developments) जैसी खबरों से बढ़ा हुआ मार्केट सेंटीमेंट (Market Sentiment) इन IPOs के लिए निवेशक की दिलचस्पी बढ़ा सकता है। ऐतिहासिक रूप से, मार्केट के कंसोलिडेशन (Consolidation) के बाद IPOs में तेज़ी देखी गई है। हालांकि, ऐसे मल्टी-सेक्टर IPOs का प्रदर्शन अक्सर अलग-अलग होता है, जिसमें निवेशक ज़्यादातर साफ प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और अनुमानित रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Streams) वाली कंपनियों को तरजीह देते हैं।
ब्रोकरेज फर्मों (Brokerage Firms) का रुझान अभी सतर्क लेकिन आशावादी (Cautiously Optimistic) है, और वे क्वालिटी लिस्टिंग्स (Quality Listings) पर ध्यान दे रहे हैं। Fractal और Aye Finance के IPOs की सफलता यह तय करेगी कि आने वाले महीनों में टेक (Tech) और फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) जैसे सेक्टर्स में कितनी और IPOs देखने को मिल सकती हैं। निवेशकों के लिए ये लिस्टिंग भविष्य की IPO एक्टिविटी (IPO Activity) के लिए महत्वपूर्ण बैरोमीटर (Barometer) साबित होंगी।