प्राइमरी मार्केट में हलचल तेज है। 12 अक्टूबर 2026 को Bonfiglioli Transmissions, Zetwerk, Tonbo Imaging और Sahajanand Medical Technologies अपने IPO का प्राइस बैंड घोषित करेंगी, लेकिन बाजार की उठापटक के बीच निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी।
भारतीय प्राइमरी मार्केट में सोमवार का दिन काफी अहम रहने वाला है। 12 अक्टूबर 2026 को चार कंपनियां—Bonfiglioli Transmissions, Zetwerk Manufacturing Business, Tonbo Imaging, और Sahajanand Medical Technologies—अपने IPO के प्राइस बैंड फाइनल करेंगी। इनमें से Zetwerk Manufacturing Business सबसे बड़ी तैयारी के साथ है, जो मार्केट से ₹5,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
निवेश से पहले स्ट्रक्चर को समझें
निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि पैसा कंपनी के पास जा रहा है या प्रमोटर्स की जेब में। Zetwerk का IPO 'फ्रेश इश्यू' और 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) का मिश्रण है। फ्रेश इश्यू से जुटाया गया पैसा कंपनी के विस्तार और कर्ज कम करने में काम आता है। वहीं, बाकी तीन कंपनियां यानी Bonfiglioli Transmissions, Tonbo Imaging और Sahajanand Medical Technologies पूरी तरह से OFS के जरिए बाजार में आ रही हैं, जिसका मतलब है कि पैसा सीधे शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा।
OFS का जोखिम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से, जिन IPO में OFS का हिस्सा ज्यादा होता है, वे लिस्टिंग के बाद दबाव में रह सकते हैं, खासकर जब बाजार का मूड खराब हो। बिना फ्रेश कैपिटल के कंपनी के पास ग्रोथ के लिए नया पैसा नहीं आता, इसलिए निवेशकों को इनके वैल्यूएशन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
मार्केट का मिजाज और सतर्कता
इस समय Nifty 50 इंडेक्स कड़े रेजिस्टेंस के नीचे कारोबार कर रहा है और चार्ट्स पर बनी 'डोजी' (Doji) फॉर्मेशन बाजार में अनिश्चितता का संकेत दे रही है। बाजार की इस अस्थिरता को देखते हुए एसेट मैनेजमेंट कंपनियां भी नए फंड ऑफर (NFO) लॉन्च करने से बच रही हैं। अब सबकी नजरें इन कंपनियों के प्राइस बैंड और वैल्यूएशन पर होंगी कि क्या ये मार्केट के हिसाब से सस्ते हैं या महंगे।
