Flipkart का बड़ा दांव: IPO में देरी के बीच कर्मचारियों के लिए **$2 बिलियन** का ESOP बायबैक

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Flipkart का बड़ा दांव: IPO में देरी के बीच कर्मचारियों के लिए **$2 बिलियन** का ESOP बायबैक

Flipkart ने अपने IPO की योजना को फिलहाल टाल दिया है और अब कंपनी **$2 बिलियन** के ESOP बायबैक पर विचार कर रही है। यह कवायद शुरुआती **2027** में होने की उम्मीद है, जिसका मकसद कर्मचारियों को लिक्विडिटी देना और पैरेंट कंपनी Walmart के प्रॉफिटेबिलिटी के लक्ष्य को हासिल करना है।

कर्मचारियों की नाराजगी और लिक्विडिटी की तैयारी

IPO के बार-बार टलने से कर्मचारियों और पूर्व अधिकारियों के बीच काफी तनाव बढ़ गया था। बड़ी संख्या में कर्मचारी और पूर्व दिग्गज अपने स्टॉक्स को भुनाना चाहते थे, क्योंकि उनके कुल वेतन का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं ESOPs के रूप में होता है। इस कदम से न केवल कर्मचारियों को कैश मिलेगा, बल्कि कंपनी के भीतर मैनेजमेंट और वर्कफोर्स के बीच बनी तल्खी को कम करने में भी मदद मिलेगी। फिलहाल यह प्रोग्राम एक्टिव कर्मचारियों के लिए है, लेकिन भविष्य में पूर्व कर्मचारियों की चिंताओं पर भी गौर किया जा सकता है।

वैल्यूएशन और चुनौतियां

Flipkart की वैल्यूएशन जुलाई 2026 की आखिरी ट्रेंच के अनुसार करीब $38.2 बिलियन आंकी गई थी। कंपनी ने 2025 में अपना हेडक्वार्टर सिंगापुर से भारत शिफ्ट कर लिया था, ताकि देश में लिस्टिंग का रास्ता साफ हो सके। हालांकि, कंपनी अभी भी अपने लॉजिस्टिक्स और क्विक-कॉमर्स सर्विस 'Minutes' में भारी निवेश कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी को ₹5,189 करोड़ का नेट लॉस हुआ था, जो ग्रोथ और मुनाफे के बीच कंपनी के संघर्ष को दर्शाता है।

भविष्य के रिस्क

IPO की स्पष्ट समयसीमा न होने से लीडरशिप रिटेंशन पर भी खतरा मंडरा रहा है। अगर कंपनी 2027 तक EBITDA ब्रेक-ईवन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाती है, तो IPO में और देरी हो सकती है, जिससे निवेशकों का दबाव बढ़ सकता है। अब बाजार की नजर जनवरी-मार्च 2027 के बायबैक विंडो और कंपनी की तिमाही रिपोर्ट्स पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.