प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते हलचल तेज है। AceVector और Runwal Enterprises समेत 5 कंपनियों के SME IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गए हैं। एक साथ कई इश्यू आने से निवेशकों के सामने सही चुनाव और लिक्विडिटी का बड़ा चैलेंज है।
प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते निवेश की बौछार है। AceVector, Runwal Enterprises, German Green Steel, Orient Cables, और Sai Urja जैसी कंपनियों ने अपने SME IPO पेश किए हैं। ये कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर, केबल मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल एनर्जी जैसे विविध सेक्टरों से जुड़ी हैं।
निवेशकों के लिए चुनौती
एक साथ कई IPO आने से निवेशकों के लिए फंड एलोकेशन करना मुश्किल हो गया है। ध्यान रखें कि SME IPO मुख्य बाजार (Mainboard) के IPO से काफी अलग होते हैं। इनके रेगुलेटरी डिस्क्लोजर नियम थोड़े कम सख्त होते हैं और बड़े स्टॉक्स के मुकाबले इनका ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम रहता है। इसे 'लिक्विडिटी रिस्क' कहते हैं, जिसके कारण लिस्टिंग के बाद शेयर को बेचना या खरीदना मुश्किल हो सकता है।
क्या है ध्यान रखने वाली बातें?
SME IPO में मिनिमम इन्वेस्टमेंट का साइज भी काफी बड़ा होता है, इसलिए इसमें शुरुआती तौर पर ज्यादा पूंजी लगाने की जरूरत पड़ती है। फिलहाल, रिटेल निवेशक Orient Cables जैसे स्टॉक्स के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर गड़ाए हुए हैं ताकि मार्केट के मूड का अंदाजा लगाया जा सके।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) को बहुत ध्यान से पढ़ें। इसमें कंपनी का कर्ज, ऑर्डर बुक और जुटाई गई रकम के इस्तेमाल की पूरी जानकारी होती है। याद रखें, भारी सब्सक्रिप्शन इस बात की गारंटी नहीं है कि स्टॉक लिस्टिंग के बाद भी लंबी अवधि में दमदार परफॉर्मेंस देगा। अपनी मेहनत की कमाई लगाने से पहले कंपनी के मार्जिन और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट की जांच जरूर करें।
