ऑस्ट्रेलियन डेटा सेंटर ऑपरेटर Firmus Grid Ltd. का IPO मुसीबत में फंस गया है। कमजोर डिमांड के चलते कंपनी ने अपना बुक-बिल्डिंग प्रोसेस तय समय से पहले ही बंद कर दिया है। Nvidia समर्थित इस कंपनी की **A$43.7 बिलियन** की वैल्यूएशन पर मार्केट को भारी संदेह है।
वैल्यूएशन और वित्तीय संकट
Nvidia समर्थित Firmus Grid के IPO के लिए निवेशकों की बेरुखी साफ दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि A$43.7 बिलियन की वैल्यूएशन काफी ज्यादा है। कंपनी का फाइनेंशियल स्टेटस भी चिंताजनक है; इसका कोई पुराना रेवेन्यू ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है और 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी को A$77 मिलियन के नुकसान का अनुमान है। बिना मुनाफे के इतनी बड़ी वैल्यूएशन को पचा पाना निवेशकों के लिए मुश्किल हो रहा है।
बिजनेस मॉडल और फंडिंग का डर
यह कंपनी अपने मूल बिजनेस 'बिटकॉइन माइनिंग' से हटकर 'AI इंफ्रास्ट्रक्चर' में शिफ्ट होने की कोशिश कर रही है। IPO से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल इंडोनेशिया के बाटाम में Nvidia GPUs के साथ एक नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए होना था, जिसे DayOne Data Centers के साथ मिलकर बनाया जा रहा है। हालांकि, बिना ठोस रेवेन्यू के इतने भारी खर्च को कैसे मैनेज किया जाएगा, इसे लेकर मार्केट में काफी अनिश्चितता है।
शेयरहोल्डर्स और मार्केट पर असर
निवेशकों को डर है कि लिस्टिंग के बाद पुराने शेयरहोल्डर्स, जिनमें Nvidia, Blackstone और Coatue Management शामिल हैं, अपना हिस्सा बेच सकते हैं, जिससे शेयर की कीमतों पर दबाव बन सकता है। इस नकारात्मक सेंटीमेंट का असर संबंधित कंपनियों पर भी पड़ा है। Maas Group Holdings, जो Firmus की एक एसोसिएट कंपनी है, के शेयरों में सिडनी मार्केट में 30% तक की भारी गिरावट देखी गई है।
फिलहाल इस लिस्टिंग का भविष्य पूरी तरह से अनिश्चित बना हुआ है, और निवेशकों की नजरें कंपनी के अगले कदम और प्राइसिंग में किसी बदलाव पर टिकी हैं।
