EverestIMS Technologies का **₹48.45 करोड़** का IPO जबरदस्त रिस्पॉन्स के साथ बंद हुआ है। कंपनी का इश्यू **274 गुना** सब्सक्राइब हुआ है, जबकि ग्रे मार्केट में **49%** के प्रीमियम के संकेत मिल रहे हैं।
बाजार में जोरदार एंट्री की तैयारी
बेंगलुरु की सॉफ्टवेयर कंपनी EverestIMS Technologies का SME IPO 5 अक्टूबर, 2026 को भारी डिमांड के साथ बंद हुआ है। कंपनी ने बाजार से ₹48.45 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था और अब इसके शेयर 8 अक्टूबर, 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेड होना शुरू करेंगे।
सब्सक्रिप्शन का गणित (Subscription Data)
इन्वेस्टर्स ने इस इश्यू पर जमकर दांव लगाया है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की भागीदारी सबसे ज्यादा रही, जिन्होंने अपने कोटे को 406 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया। रिटेल इन्वेस्टर्स भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने 268 गुना बोलियां लगाईं, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 148 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज कराया। ग्रे मार्केट की हलचल पर नजर डालें तो शेयर अपने ₹80 से ₹85 के प्राइस बैंड के मुकाबले लगभग 49% प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है।
फाइनेंशियल सेहत पर एक नजर
कंपनी की ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच का संतुलन निवेशकों के लिए अहम है। FY2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹65.12 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के ₹56.54 करोड़ से 15.2% ज्यादा है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में थोड़ी गिरावट देखी गई है, जो ₹14.08 करोड़ (FY2025) से घटकर ₹13.14 करोड़ रह गया है। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन भी 24% से गिरकर करीब 20% पर आ गया है।
आगे का रास्ता
जुटाए गए फंड का उपयोग कंपनी अपने विस्तार में करेगी। मैनेजमेंट ने ₹5.65 करोड़ का निवेश एक आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) इनोवेशन लैब बनाने के लिए तय किया है, जबकि वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए ₹24 करोड़ आवंटित किए गए हैं। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि SME शेयरों में लिक्विडिटी कम होती है, जिससे लिस्टिंग के दिन और उसके बाद उतार-चढ़ाव (Volatility) अधिक रह सकता है।
