EverestIMS Technologies ने आज BSE SME एक्सचेंज पर धूम मचा दी। कंपनी के शेयर अपने **₹85** के IPO प्राइस के मुकाबले **48.24%** उछलकर **₹126** पर लिस्ट हुए हैं। निवेशकों में इस स्टॉक को लेकर जबरदस्त उत्साह था, जिसके चलते IPO को **294.22** गुना सब्सक्राइब किया गया।
बाजार में जोरदार शुरुआत
EverestIMS Technologies का सफर BSE SME प्लेटफॉर्म पर 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ। शेयर ₹126 पर ओपन हुआ, जो इसके ₹85 के IPO इश्यू प्राइस से 48.24% अधिक है। कंपनी ने इस IPO के जरिए कुल ₹48.46 करोड़ जुटाए हैं, जिसमें ₹39.05 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹9.41 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
फंड का इस्तेमाल और भविष्य की योजनाएं
फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने ₹65.12 करोड़ का रेवेन्यू और ₹13.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। मैनेजमेंट IPO से मिले फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों (₹35.22 करोड़) और एक नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इनोवेशन लैब को सेटअप करने (₹5.65 करोड़) में करेगी। इसका मुख्य लक्ष्य कंपनी के IT सर्विस मैनेजमेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोडक्ट्स को और मजबूत बनाना है।
निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी
लिस्टिंग भले ही शानदार रही हो, लेकिन SME सेगमेंट के शेयरों में निवेश करते समय कुछ रिस्क फैक्टर्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- कस्टमर कॉन्संट्रेशन: कंपनी का रेवेन्यू एक सीमित क्लाइंट बेस पर निर्भर है। अगर इन बड़े क्लाइंट्स के बिजनेस में कोई बदलाव आता है, तो कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है।
- लिक्विडिटी रिस्क: SME स्टॉक होने के नाते, यहां ट्रेडिंग वॉल्यूम मुख्य बोर्ड के मुकाबले कम रहता है, जिससे शेयर में वोलेटिलिटी (उतार-चढ़ाव) अधिक हो सकती है।
- तकनीकी चुनौती: IT और SaaS सेक्टर में तेजी से बदलाव होते हैं, इसलिए कंपनी की अपनी तकनीक को अपडेट रखना और नवाचार (Innovation) करते रहना बेहद जरूरी है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने AI लैब को कैसे एग्जीक्यूट करती है और क्लाइंट बेस को डायवर्सिफाई करने में कितनी सफल रहती है।
