Subway के मास्टर फ्रैंचाइजी EverBrands India ने अपना **₹600 करोड़** का IPO लाने के लिए SEBI के पास कागजात जमा किए हैं। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और अपने स्टोर्स का नेटवर्क बढ़ाने में करेगी।
EverBrands India ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) SEBI के पास फाइल कर दिया है। कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कुल ₹600 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी करेगी। यह कंपनी Subway के अलावा Lavazza और Dilmah जैसे बड़े ब्रांड्स की मास्टर फ्रैंचाइजी भी संभालती है।\n\n### फंड का इस्तेमाल और रणनीति\n\nकंपनी अपने कुल फंड में से ₹326.85 करोड़ का बड़ा हिस्सा Subway के स्टोर्स की संख्या बढ़ाने पर खर्च करेगी। कंपनी 'कंपनी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड' (COCO) मॉडल पर दांव लगा रही है, जिससे क्वालिटी पर सीधा कंट्रोल रखा जा सके। इसके अलावा, कंपनी अपनी सब्सिडियरी, Culinary Brands India, का ₹125 करोड़ का कर्ज चुकाने की तैयारी में है ताकि बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके।\n\n### फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां\n\nमार्च 2026 तक कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹966.2 करोड़ रहा है, जिसमें 35% की शानदार ग्रोथ देखी गई है। हालांकि, आक्रामक विस्तार के कारण कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹58.1 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹28.2 करोड़ था। फिलहाल कंपनी के पास 1,008 स्टोर्स हैं, जिनमें से 678 स्टोर्स कंपनी खुद चला रही है।\n\n### मार्केट में मुकाबला\n\nEverBrands India का मुकाबला Jubilant FoodWorks, Westlife Foodworld और Devyani International जैसी दिग्गज कंपनियों से है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि यह विस्तार कब मुनाफे में बदलता है। इस आईपीओ के लिए Motilal Oswal, ICICI Securities और Nuvama को बैंकर नियुक्त किया गया है, जबकि कंपनी को Norwest Capital और Playbook Partners जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
