तमिलनाडु स्थित Eswari Global Metal Industries को मार्केट रेगुलेटर SEBI से IPO लाने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी **₹500 करोड़** के फ्रेश इश्यू और **1.32 करोड़** शेयरों के ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पूंजी जुटाएगी।
IPO की पूरी जानकारी
SEBI ने 13 अक्टूबर, 2026 को कंपनी के ड्राफ्ट पेपर पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। इस IPO के जरिए कंपनी न केवल ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी, बल्कि प्रमोटर्स 1.32 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचेंगे। कंपनी ₹100 करोड़ तक के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर रही है, जिससे फ्रेश इश्यू का आकार कम हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को DAM Capital Advisors, ICICI Securities और Motilal Oswal Investment Advisors संभाल रहे हैं।
पैसा कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने जुटाई गई राशि के लिए दो प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं:
- क्षमता विस्तार: गुजरात के मुंद्रा में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के दूसरे फेज के लिए ₹150 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इससे लेड, एल्युमीनियम, कॉपर और प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स का उत्पादन बढ़ेगा।
- कर्ज का बोझ कम करना: सबसे बड़ा हिस्सा यानी ₹250 करोड़ का उपयोग कंपनी का कर्ज कम करने में किया जाएगा, जिससे इंटरेस्ट खर्च में कमी आएगी और कैश फ्लो सुधरेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Key Risks)
मेटल रिसाइकिलिंग सेक्टर की अपनी चुनौतियां हैं। कच्चा माल (Raw Material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और करेंसी में बदलाव सीधे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित करते हैं। साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ग्राहकों पर केंद्रित है, जो एक कंसंट्रेशन रिस्क है। प्रमोटर्स से जुड़े कानूनी मामले और टैक्स रेगुलेटरी चुनौतियां भी निवेशकों के लिए मॉनिटर करने लायक हैं। NSE और BSE पर लिस्टिंग के बाद शेयर की परफॉर्मेंस कंपनी के विस्तार और कर्ज घटाने की गति पर निर्भर करेगी।
