Elevate Campuses की शेयर बाजार में शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। **₹2,100 करोड़** के इस IPO को लेकर निवेशकों में उत्साह की कमी दिखी, जिसके चलते शेयर डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं।
बाजार में सुस्त एंट्री
सोमवार को बाजार में Elevate Campuses की लिस्टिंग सुस्त रही। कंपनी का शेयर ₹362 के इश्यू प्राइस के मुकाबले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹355.10 के स्तर पर खुला, जो कि करीब 1.91% की गिरावट है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर भी स्थिति वैसी ही थी, जहां शेयर ₹356 पर लिस्ट हुआ, जो कि 1.52% का डिस्काउंट है।
सब्सक्रिप्शन का गणित
इस IPO को निवेशकों से कोई खास रिस्पांस नहीं मिला था। तीन दिनों की बिडिंग के दौरान इसे कुल 1.79 गुना सब्सक्रिप्शन ही मिल सका। अगर श्रेणियों की बात करें, तो रिटेल हिस्सा 1.01 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर कैटेगरी केवल 84% ही भर पाई। हालांकि, कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹945 करोड़ जुटाने में सफलता पाई थी, जिसमें SBI Mutual Fund, HDFC Asset Management, Citigroup और Bank of America Securities जैसे दिग्गज शामिल थे।
फंड का इस्तेमाल और आगे की राह
कंपनी का फोकस अब कर्ज घटाने और विस्तार पर है। IPO से जुटाई राशि में से ₹1,100 करोड़ का इस्तेमाल नए K-12 कैंपस खरीदने में और ₹750 करोड़ का इस्तेमाल GHS Shoolini और GHS Sonipat जैसे सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने में किया जाएगा। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन फंड्स का सही तरीके से इस्तेमाल और नए एसेट्स को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना होगा। आने वाले समय में कंपनी की तिमाही नतीजे ही यह तय करेंगे कि मैनेजमेंट अपनी योजनाओं को धरातल पर कैसे उतारता है।
