ESDS Software Solution का **₹720 करोड़** का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू को **28 अगस्त से 1 सितंबर, 2026** तक सब्सक्राइब कर सकते हैं। कंपनी AI क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती डिमांड पर दांव लगा रही है, लेकिन निवेशकों को इसके वैल्युएशन और बड़े कांट्रैक्ट्स से जुड़े जोखिमों को बारीकी से समझना होगा।
ESDS Software Solution ने प्राइमरी मार्केट से ₹720 करोड़ जुटाने के लिए अपना IPO लॉन्च कर दिया है। यह पूरा इश्यू 100% फ्रेश शेयर का है, जिसका मतलब है कि सारा पैसा कंपनी के विस्तार और बिजनेस जरूरतों में जाएगा, प्रमोटर्स अपना हिस्सा नहीं बेच रहे हैं। कंपनी ने इसके लिए ₹408 से ₹429 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
बिजनेस मॉडल और AI की भूमिका
कंपनी डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस सेक्टर में काम करती है। हाल ही में कंपनी ने एक अंतरराष्ट्रीय क्लाउड प्रोवाइडर के साथ ₹11,000 करोड़ से ज्यादा का एक लॉन्ग-टर्म कांट्रैक्ट साइन किया है, जिसमें हजारों GPU तैनात किए जाएंगे। यह डील कंपनी के FY26 के लगभग ₹472 करोड़ के रेवेन्यू के मुकाबले काफी बड़ी है, लेकिन इसकी सफलता आने वाले 5 सालों में कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता पर निर्भर करेगी। IPO से पहले कंपनी ने Motilal Oswal और Quant जैसे म्यूचुअल फंड्स से ₹306 करोड़ एंकर बुक के जरिए जुटाए हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ और वैल्युएशन
FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग ₹120 करोड़ रहा है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹429 के हिसाब से कंपनी का P/E मल्टीपल लगभग 41.6x है। यह ट्रेडिशनल IT कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम वैल्युएशन है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी को 37.8 MW तक ले जाने का है।
क्या हैं निवेश के जोखिम?
डेटा सेंटर सेक्टर में Yotta, Sify और CtrlS जैसी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ ग्लोबल प्लेयर्स से कड़ी टक्कर है। ESDS के लिए सबसे बड़ी चुनौती सरकारी और फाइनेंशियल सेक्टर के प्रोजेक्ट्स पर निर्भरता है, जहाँ पेमेंट में देरी या पॉलिसी बदलाव का असर कैश फ्लो पर पड़ सकता है। इसके अलावा, भारी-भरकम GPU डील में सप्लाई चेन और डिमांड में उतार-चढ़ाव जैसे रिस्क भी बने हुए हैं।
