EAAA India Alternatives अपना ₹1,200 करोड़ का IPO लेकर आ रही है, जो 26 अक्टूबर को खुलेगा। यह पूरा इश्यू ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, यानी कंपनी को इससे कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।
आईपीओ की समयसीमा और संरचना
EAAA India Alternatives ने अपने पहले पब्लिक इश्यू के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह आईपीओ 26 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 28 अक्टूबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह प्रक्रिया 23 अक्टूबर से ही शुरू हो जाएगी। शेयर अलॉटमेंट 29 अक्टूबर तक होने की उम्मीद है और शेयरों की लिस्टिंग 2 नवंबर को हो सकती है।
यह पूरा आईपीओ ₹1,200 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, जिसे प्रमोटर Edelweiss Securities and Investments लेकर आ रहे हैं। इसका मतलब है कि जुटने वाली पूरी रकम प्रमोटर के पास जाएगी, और कंपनी के बिजनेस विस्तार या कर्ज चुकाने के लिए कोई नई पूंजी नहीं आएगी। गौरतलब है कि पहले कंपनी ₹1,500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही थी, जिसे बाद में संशोधित किया गया। SEBI ने अप्रैल 2026 में इस संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
कारोबार और वित्तीय स्थिति
कंपनी मुख्य रूप से रियल एसेट (इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और कमर्शियल रियल एस्टेट) और प्राइवेट क्रेडिट सेक्टर में काम करती है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। इस दौरान कंपनी का मुनाफा 45% बढ़कर ₹80.7 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 44.4% की उछाल के साथ ₹275.5 करोड़ दर्ज किया गया। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी ने कुल ₹265.2 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
जून 2026 तक, कंपनी के पास ₹95,344.8 करोड़ की एसेट मैनेजमेंट (AUM) है। इसके रियल एसेट पोर्टफोलियो में ₹28,039.9 करोड़ और प्राइवेट क्रेडिट वर्टिकल में ₹19,272.4 करोड़ का फीस देने वाला एसेट बेस शामिल है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
चूंकि कंपनी की आय पूरी तरह से फीस आधारित है, इसलिए इसका प्रदर्शन एसेट मैनेजमेंट के विकास पर निर्भर करता है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में कंपनी अपने फीस मार्जिन को कैसे बरकरार रखती है, यह देखना अहम होगा। इस आईपीओ को मैनेज करने वाले मर्चेंट बैंकर्स में Axis Capital, Jefferies India, Motilal Oswal Investment Advisors और Nuvama Wealth Management शामिल हैं।
