EAAA India Alternatives का **₹1,200 करोड़** का IPO कुल **5.25 गुना** सब्सक्राइब हुआ है, जिसे मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का सपोर्ट मिला। चूंकि यह पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, इसलिए कंपनी को विस्तार के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।
बाजार का रुझान और आंकड़े
EAAA India Alternatives का IPO 28 अक्टूबर, 2026 को अपनी तीन दिवसीय बिडिंग प्रक्रिया के साथ बंद हुआ। आंकड़ों के मुताबिक, निवेशकों ने 5.29 मिलियन शेयरों की पेशकश के मुकाबले 27.8 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹1,585 से ₹1,665 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
किसने कितनी दिलचस्पी दिखाई?
इस IPO की पूरी कमान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के हाथों में रही, जिन्होंने अपना कोटा 13.13 गुना भर दिया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 4.58 गुना और रिटेल निवेशकों ने सतर्कता दिखाते हुए 1.03 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया।
OFS का क्या मतलब है?
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि यह ₹1,200 करोड़ का पूरा इश्यू प्रमोटर 'Edelweiss Securities and Investments' द्वारा ऑफर-फॉर-सेल है। इसका सीधा मतलब है कि जुटाया गया पैसा कंपनी के खजाने में नहीं जाएगा, बल्कि प्रमोटर को मिलेगा। कंपनी को इस IPO से बिजनेस विस्तार या कर्ज कम करने के लिए कोई नया फंड नहीं मिल रहा है।
एंकर निवेशकों का दांव
IPO खुलने से पहले कंपनी ने एंकर राउंड में ₹360 करोड़ जुटाए थे। इसमें Government Pension Fund Global, Schroder International, Hornbill Capital Advisors, Goldman Sachs और BNP Paribas Financial Markets जैसे बड़े नाम शामिल रहे। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून 2026 तक ₹95,344.8 करोड़ रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में सुस्ती के कारण लिस्टिंग को लेकर फिलहाल बहुत ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा है।
