IPO की राह पर Dhoot Transmission, Bain Capital का साथ
Dhoot Transmission, जो ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (consumer durables) के लिए कंपोनेंट्स सप्लाई करती है, उसने पब्लिक मार्केट में कदम रखने के लिए पहला कदम उठा लिया है। कंपनी ने सीक्रेट यानी गोपनीय रूट से IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं। इस कदम से कंपनी को पब्लिक की नजरों से दूर अपनी प्लानिंग को फाइनल टच देने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि Private Equity फर्म Bain Capital, जिसके पास कंपनी की 49% हिस्सेदारी है (यह हिस्सेदारी जनवरी 2025 में ली गई थी), इस IPO में कंपनी का पूरा साथ दे रही है। इस IPO से प्राइमरी और सेकेंडरी शेयर बिक्री के जरिए कुल $250 मिलियन जुटाए जाने की उम्मीद है।
1999 से सफर, अब ग्लोबल पहचान
साल 1999 में स्थापित Dhoot Transmission, ऑटो इंडस्ट्री में वायरिंग हार्नेस (wiring harnesses), ऑटोमोटिव स्विच (automotive switches), इलेक्ट्रॉनिक सेंसर (electronic sensors), कंट्रोलर (controllers) और बैटरी पैक (battery packs) जैसे जरूरी कंपोनेंट्स की एक प्रमुख सप्लायर बन गई है। कंपनी के प्रोडक्ट्स टू-व्हीलर से लेकर कमर्शियल व्हीकल्स तक, और एग्रीकल्चर इक्विपमेंट से लेकर मेडिकल डिवाइस तक में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी का ग्लोबल फुटप्रिंट भी मजबूत है। हाल ही में इसने स्कॉटलैंड की TFC Cables और यूके की Parkinson Harness जैसी कंपनियों को एक्वायर (acquire) किया है, जिससे स्लोवाकिया में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ी है। CRISIL रेटिंग्स ने मई 2025 में कंपनी को ऑटोमोटिव वायर हार्नेस के क्षेत्र में एक बड़ा प्लेयर बताया था। कंपनी Bajaj Auto, TVS Motor Company, Honda Motorcycle & Scooter India और Royal Enfield जैसे बड़े ऑटो प्लेयर्स को कंपोनेंट्स सप्लाई करती है।
रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल, सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद
कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) में शानदार ग्रोथ देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में यह बढ़कर ₹2,653 करोड़ हो गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2022 में ₹1,550 करोड़ था। कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशंस (international operations) से कुल रेवेन्यू का 15-20% हिस्सा आता है। भारत का ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर इस वक्त काफी मजबूत स्थिति में है। डोमेस्टिक डिमांड (domestic demand) और एक्सपोर्ट (export) के मौके बढ़ रहे हैं। अनुमान है कि यह सेक्टर 2026 तक 10-12% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। हालांकि, सेक्टर में कॉम्पिटिशन (competition) भी काफी तगड़ा है। Motherson Sumi Systems, Endurance Technologies और Varroc Engineering जैसे बड़े प्लेयर्स फिलहाल 20x से 30x के P/E मल्टीपल्स (P/E multiples) पर ट्रेड कर रहे हैं। Dhoot Transmission का IPO वैल्यूएशन भी इन्हीं पीयर्स के इर्द-गिर्द रहने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स (Analysts) सेक्टर को लेकर पॉजिटिव (positive) हैं, लेकिन उन्हें इनपुट कॉस्ट (input cost) की वोलेटिलिटी (volatility) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की तरफ बढ़ते ट्रेंड को मैनेज करने की जरूरत पर जोर देते हैं। कंपनी का गोपनीय फाइलिंग रूट यह दर्शाता है कि मैनेजमेंट एक अच्छी प्लानिंग के साथ मार्केट में उतरना चाहता है, जो मौजूदा मार्केट कंडीशंस और वैल्यूएशंस के अनुकूल हो।