शेयर बाजार में Deepa Jewellers ने शानदार शुरुआत की है। कंपनी के शेयर **₹221** पर लिस्ट हुए, जो कि **₹177** के इश्यू प्राइस से करीब **25%** ज्यादा है। **₹460 करोड़** के इस IPO को निवेशकों का भरपूर प्यार मिला और यह **42** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।
बाजार में धमाकेदार एंट्री
Deepa Jewellers ने 8 सितंबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE पर अपनी लिस्टिंग पूरी की। कंपनी के शेयर ₹221 के भाव पर लिस्ट हुए, जिससे आईपीओ निवेशकों की झोली में लिस्टिंग के दिन ही करीब 25% का रिटर्न आ गया। कंपनी के ₹460 करोड़ के IPO को निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया था।
क्यों मिला निवेशकों का साथ?
इस इश्यू को कुल 42.61 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। सबसे ज्यादा उत्साह नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) में दिखा, जिनका हिस्सा 105.96 गुना भरा गया। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 37 गुना और रिटेल निवेशकों ने 18.55 गुना बोलियां लगाईं। इससे पहले एंकर निवेशकों से कंपनी ने ₹138 करोड़ जुटाए थे, जिसमें Motilal Oswal Finvest और Nomura Singapore जैसे बड़े नाम शामिल थे।
क्या है कंपनी का कामकाज?
साल 2016 में शुरू हुई यह कंपनी मुख्य रूप से 22-कैरेट गोल्ड ज्वैलरी की B2B सप्लायर है। कंपनी दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों जैसे तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रिटेल चेन और स्वतंत्र स्टोर्स को माल सप्लाई करती है। IPO से मिले ₹250 करोड़ के फ्रेश फंड्स का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों और इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए करेगी।
इन जोखिमों पर रखें पैनी नजर
लिस्टिंग के बाद निवेशकों को कंपनी के ऑपरेशन्स पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, कंपनी का 'डेब्टर डेज' (पेमेंट कलेक्शन का समय) 37.9 दिन से बढ़कर 47.8 दिन हो गया है। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर दबाव बढ़ सकता है। भविष्य में तिमाही नतीजों के दौरान यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल और इन्वेंट्री को कैसे मैनेज करती है।
