हैदराबाद की B2B गोल्ड सप्लायर कंपनी Deepa Jewellers अपना ₹250 करोड़ का IPO 1 सितंबर, 2026 को लाने जा रही है। कंपनी का फोकस अपनी इन्वेंट्री मैनेजमेंट को मजबूत करने पर है।
IPO की डिटेल्स
हैदराबाद स्थित गोल्ड सप्लायर Deepa Jewellers ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। निवेशक इस इश्यू में 1 सितंबर, 2026 से 3 सितंबर, 2026 तक पैसा लगा सकेंगे। कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए ₹250 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटर्स आशीष, सीमा और देव अग्रवाल 1.18 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचेंगे।
बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल ग्रोथ
कंपनी गोल्ड ज्वैलरी को रिटेलर्स तक पहुंचाने वाले B2B मॉडल पर काम करती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹104.8 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹40.58 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू में 38% का उछाल दर्ज किया गया है और यह ₹1,926.7 करोड़ रहा है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग मॉडल आउटसोर्स्ड है, यानी कंपनी खुद प्लांट चलाने के बजाय सप्लाई चेन और इन्वेंट्री पर ध्यान केंद्रित करती है।
फंड का उपयोग और निवेशकों के लिए जोखिम
IPO से जुटाए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा कंपनी तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में इन्वेंट्री मैनेजमेंट और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी। हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए:
- क्षेत्रीय निर्भरता: कंपनी का काम मुख्य रूप से दक्षिण भारत तक सीमित है, जिससे वहां की आर्थिक हलचल का सीधा असर रेवेन्यू पर पड़ सकता है।
- गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव: सोने के दाम घटने-बढ़ने से इन्वेंट्री की वैल्यू पर सीधा असर पड़ता है।
- आउटसोर्सिंग रिस्क: मैन्युफैक्चरिंग बाहर से कराने के कारण आर्टिसन्स के नेटवर्क में बाधा आने पर सप्लाई और क्वालिटी बनाए रखने में चुनौती हो सकती है।
