Deepa Jewellers का **₹460 करोड़** का IPO बंद हो गया है। कंपनी को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है और यह कुल **43.37 गुना** सब्सक्राइब हुआ है। अब बाजार की नजरें **4 सितंबर** को होने वाले अलॉटमेंट पर टिकी हैं।
Deepa Jewellers का तीन दिवसीय पब्लिक इश्यू 3 सितंबर, 2026 को सफलतापूर्वक बंद हो गया। ₹459.72 करोड़ के इस आईपीओ को निवेशकों का भरपूर प्यार मिला, जिससे यह 43.37 गुना ओवरसब्सक्राइब हो गया। यह भारी मांग कंपनी की B2B गोल्ड ज्वेलरी सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
फंड का उपयोग और फाइनेंशियल स्थिति
इस इश्यू में ₹250 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹209.72 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल के लिए करेगी, जो ज्वेलरी बिजनेस में इन्वेंट्री और कच्चे माल के मैनेजमेंट के लिए बेहद जरूरी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹19,267 मिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 37.9% ज्यादा है, और कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,048 मिलियन दर्ज किया गया।
निवेश के जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को कुछ जरूरी बातों पर गौर करना चाहिए। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दक्षिण भारत के बाजार पर निर्भर है, इसलिए वहां कोई भी आर्थिक मंदी सीधे बिजनेस को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग के लिए बाहरी कारीगरों पर निर्भर है। इसके अलावा, ज्वेलरी सेक्टर में सोने और हीरे की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। कंपनी को अपने मुख्य क्लाइंट्स के साथ काम करने में 'कस्टमर कंसंट्रेशन रिस्क' का भी सामना करना पड़ता है।
आगे क्या होगा?
आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर तय किया गया था। अब 4 सितंबर, 2026 को शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल किया जाएगा। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में यह जल्द ही क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग 8 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर संभावित है।
