फिटनेस कंपनी Cult.fit अब अपने नेटवर्क को **100** शहरों तक ले जाने की तैयारी में है। यह कदम कंपनी के आने वाले IPO की तैयारियों के बीच उठाया गया है। हालांकि कंपनी ने **FY26** में अपना EBITDA पॉजिटिव कर लिया है, लेकिन निवेशकों की नजर उसके नेट लॉस और आक्रामक विस्तार की रणनीति पर टिकी है।
IPO की राह पर Cult.fit
Cult.fit ने अगले कुछ वर्षों में अपने फिजिकल फिटनेस सेंटर को 100 शहरों तक पहुंचाने की योजना बनाई है। यह विस्तार योजना ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपने IPO की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने जुलाई 2026 में मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। कंपनी इस विस्तार, लीज पेमेंट और कर्ज चुकाने के लिए फंड जुटाना चाहती है। DRHP के अनुसार, कंपनी ₹950 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी करने की योजना बना रही है, साथ ही 17.86 करोड़ इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बिजनेस मॉडल
कंपनी के हालिया नतीजे परिचालन दक्षता (operational efficiency) में सुधार दिखाते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, Cult.fit ने ₹1,720.60 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने ₹144.78 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA प्रॉफिट कमाया, जो 8.41% का मार्जिन है। हालांकि, ऑपरेशनल स्तर पर सुधार के बावजूद कंपनी का नेट लॉस ₹251.85 करोड़ पर बना हुआ है।
अपने विस्तार को मैनेज करने के लिए कंपनी 'फ्रैंचाइजी-ओन, कंपनी-ऑपरेटेड' (FOCO) मॉडल का सहारा ले रही है। इस मॉडल में निवेश फ्रैंचाइजी पार्टनर करते हैं, जबकि मैनेजमेंट और ऑपरेशंस की कमान Cult.fit के पास रहती है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी अपना विस्तार और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच संतुलन कैसे बनाएगी। इसके अलावा, हालिया ऑडिट रिपोर्ट में कुछ सेंटर्स पर डेटा बैकअप की कमी जैसे ऑपरेशनल रिस्क भी सामने आए हैं। जैसे-जैसे कंपनी छोटे शहरों में प्रवेश करेगी, वहां बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों को बनाए रखने की चुनौती भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
