इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) Cube Highways Trust इसी महीने ₹5,000 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारी में है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा, जिसका मकसद निवेशकों का दायरा बढ़ाना है। यह ट्रस्ट भारत भर में 27 ऑपरेशनल रोड एसेट्स का मैनेजमेंट करता है और भविष्य के ग्रोथ के लिए एक मजबूत पाइपलाइन रखता है।
क्या है खास?
Cube Highways Trust इसी महीने ₹5,000 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तौर पर लाया जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी करके फंड नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। यह इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) 12 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी में फैले 27 चालू हाईवे प्रोजेक्ट्स का मैनेजमेंट करता है, जो कुल 8,754 लेन किलोमीटर को कवर करते हैं।
बिजनेस मॉडल और कमाई की स्थिरता
यह ट्रस्ट टोल-आधारित और एन्युटी-आधारित, दोनों तरह की कमाई पर निर्भर करता है। इसके पोर्टफोलियो का लगभग 85% हिस्सा टोल रोड एसेट्स का है, जिन्हें बढ़ते ट्रैफिक और महंगाई के हिसाब से टोल रेट में होने वाली बढ़ोतरी से फायदा मिलता है। बाकी बचे 15% एन्युटी एसेट्स से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से तय, निश्चित भुगतान मिलता है। यह मिला-जुला मॉडल, ट्रैफिक वॉल्यूम से ग्रोथ की संभावना और सरकारी गारंटी वाले कैश फ्लो की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
फाइनेंशियल पोजीशन और कर्ज का प्रोफाइल
31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के अनुसार, ट्रस्ट ने ₹13.77 प्रति यूनिट का डिस्ट्रीब्यूशन रिपोर्ट किया, जो कुल ₹1,851 करोड़ का वितरण था। पिछले फाइनेंशियल ईयर में नौ एक्विजिशन के बाद ट्रस्ट के टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट ₹36,842 करोड़ तक पहुंच गए। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के लिए निवेशक अक्सर कर्ज के स्तरों पर बारीकी से नजर रखते हैं। मार्च तक, ट्रस्ट पर कुल नेट कर्ज ₹17,768 करोड़ था, और नेट डेट-टू-एंटरप्राइज वैल्यू रेशियो लगभग 46.82% था।
ग्रोथ पाइपलाइन और भविष्य की योजनाएं
अपने मौजूदा पोर्टफोलियो के अलावा, ट्रस्ट ने लगभग ₹7,300 करोड़ के मूल्य वाले चार अतिरिक्त हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए कमिटमेंट लेटर हासिल कर लिए हैं। इन प्रोजेक्ट्स से एसेट्स की संख्या बढ़कर 31 होने की उम्मीद है। इसके अलावा, ट्रस्ट के पास उसके स्पॉन्सर के पास मौजूद तीन अतिरिक्त एसेट्स पर 'राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर' (खरीदने का पहला अधिकार) भी है। यह स्ट्रक्चर InvIT को भविष्य में इन रोड्स को एक्वायर करने का मौका देता है, जिससे एसेट ग्रोथ का एक स्पष्ट रास्ता बनता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
चूंकि यह एक ऑफर-फॉर-सेल है, इसलिए संभावित निवेशकों के लिए मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि यूनिट्स का वैल्यूएशन ट्रस्ट के अंतर्निहित एसेट वैल्यू की तुलना में कैसा है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की पूंजी-गहन प्रकृति को देखते हुए, निवेशक ट्रस्ट की कर्ज के स्तरों को मैनेज करने की क्षमता पर ध्यान दे सकते हैं, साथ ही नए प्रोजेक्ट्स का अधिग्रहण जारी रखने की क्षमता पर भी। मुख्य कारकों में इसके टोल रोड्स पर भविष्य का ट्रैफिक ग्रोथ, एन्युटी प्रोजेक्ट्स के लिए NHAI भुगतान की निरंतरता और अपने एसेट बेस का विस्तार करते हुए यूनिटहोल्डर्स को नियमित डिस्ट्रीब्यूशन बनाए रखने की ट्रस्ट की क्षमता शामिल है।
