Core4 Engineers अपना ₹55 करोड़ का IPO 23 अक्टूबर से BSE SME प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करने जा रहा है। कंपनी ने इसके लिए ₹88 से ₹93 का प्राइस बैंड तय किया है।
आईपीओ की मुख्य डिटेल्स
Core4 Engineers ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की घोषणा कर दी है, जिसके जरिए कंपनी बाजार से ₹55 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह इश्यू 23 अक्टूबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने 58.94 लाख शेयर जारी करने का फैसला किया है, जिसके लिए ₹88 से ₹93 का प्राइस बैंड रखा गया है।
फंड का इस्तेमाल और स्ट्रैटेजी
IPO से मिलने वाली रकम का मुख्य हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में खर्च किया जाएगा। कंपनी इन पैसों का उपयोग जमीन और पुरानी बिल्डिंग खरीदने के लिए करेगी। इसके अलावा, एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और कॉर्पोरेट ऑफिस का निर्माण भी एजेंडे में है। बचे हुए फंड का उपयोग वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए किया जाएगा। निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स को तय समय और बजट में कैसे पूरा करती है।
बिजनेस मॉडल और सेक्टर का हाल
Core4 Engineers इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस सेक्टर में काम करती है, जिसमें रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, पावर ट्रांसमिशन, वाटर ट्रीटमेंट और ऑटोमेशन सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान का फायदा कंपनी को मिल सकता है, बशर्ते वह प्रतिस्पर्धी माहौल में प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखे।
SME IPO के रिस्क
निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने वाली कंपनियां मुख्य बोर्ड (Main Board) की तुलना में छोटी होती हैं। यहां ट्रेडिंग लिक्विडिटी कम हो सकती है और शेयरों में उतार-चढ़ाव (Volatility) काफी अधिक देखने को मिल सकता है। निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी की वित्तीय सेहत और बिजनेस मॉडल को ध्यान से परखना जरूरी है।
इस इश्यू को Socradamus Capital मैनेज कर रहा है, जबकि Purva Sharegistry (India) को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। अब नजरें सब्सक्रिप्शन ट्रेंड्स और लिस्टिंग के दिन पर टिकी रहेंगी।
