Used-car मार्केटप्लेस Cars24 ने सिंगापुर से भारत वापस आने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने अप्रैल 2027 तक अपना IPO लाने का लक्ष्य रखा है, जिसका मकसद 25 से बढ़ाकर 200 शहरों में अपनी पहुंच बनाना है।
घर वापसी की रणनीति
Cars24 अब भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी एक 'रिवर्स फ्लिप' प्रक्रिया से गुजर रही है, जिसमें अपना कॉर्पोरेट मुख्यालय सिंगापुर से वापस भारत लाया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य अप्रैल 2027 तक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) जमा करने का है। यह कदम उन स्टार्टअप्स की लिस्ट में शामिल हो गया है जो टैक्स अनुपालन और घरेलू निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अपनी जड़ें भारत में जमा रहे हैं।
विस्तार और वित्तीय स्थिति
कंपनी की आखिरी वैल्युएशन $3.3 बिलियन आंकी गई थी, जो साल 2022 की फंडिंग राउंड में तय हुई थी। मैनेजमेंट का दावा है कि तब से उन्होंने कोई बाहरी पूंजी नहीं जुटाई है और कंपनी फिलहाल कैश-बर्न की स्थिति में नहीं है। हालांकि, मौजूदा 25 शहरों से 200 शहरों तक का सफर तय करना काफी कैपिटल-इंटेंसिव होगा। निवेशकों की नजर अब DRHP पर है, जिससे पता चलेगा कि कंपनी की असली फाइनेंशियल सेहत क्या है।
प्रतिस्पर्धा की चुनौती
भारत का यूज्ड-कार मार्केट काफी बिखरा हुआ और प्रतिस्पर्धी है। Cars24 को CarDekho और Spinny जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। सेक्टर की मुश्किलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में OLX Autos ने भारत में अपना काम-काज समेट लिया था। Cars24 के लिए बड़ी चुनौती अपने प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रखते हुए तेजी से स्केल करने की होगी, खासकर छोटे शहरों में जहां बाजार की गतिशीलता पूरी तरह अलग है।
पारदर्शिता और सुशासन
पब्लिक लिस्टिंग के जरिए कंपनी अपनी गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स को भी सुधारना चाहती है। सिंगापुर के नियामकों से मंजूरी मिलने के बाद, यह कानूनी प्रक्रिया अगले 6 से 9 महीने में पूरी होने की उम्मीद है। डीआरएचपी फाइल होने के बाद बुक-बिल्डिंग और मार्केट डेब्यू तक का सफर 3 से 4 महीने का हो सकता है, जिस दौरान निवेशक कंपनी के रेवेन्यू और कर्ज के स्तर पर बारीक नजर रखेंगे।
