कैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ के लिए फाइल किया, 14 नवंबर से ₹345 करोड़ जुटाने की योजना

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AuthorSatyam Jha|Published at:
कैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ के लिए फाइल किया, 14 नवंबर से ₹345 करोड़ जुटाने की योजना
Overview

बेंगलुरु स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने 14 नवंबर 2023 को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने के लिए अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। IPO का लक्ष्य ₹345 करोड़ ताज़ा इक्विटी शेयरों के माध्यम से जुटाना है, जबकि प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के ज़रिए शेयर बेचेंगे। फंड का उपयोग क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और अकार्बनिक विकास के लिए किया जाएगा। IPO 18 नवंबर को बंद होगा और शेयरों के 21 नवंबर को सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।

कैपिलरी टेक्नोलॉजीज, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित क्लाउड-नेटिव समाधानों में विशेषज्ञता रखने वाली एक सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्रदाता है, ने अपने पहले सार्वजनिक निर्गम के लिए आधिकारिक तौर पर अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया है। IPO की सदस्यता 14 नवंबर 2023 को खुलेगी और 18 नवंबर 2023 तक खुली रहेगी। एंकर बुक, जो संस्थागत निवेशकों को एक दिन पहले बोली लगाने की अनुमति देती है, 13 नवंबर को खुलेगी। कंपनी 19 नवंबर तक शेयर आवंटन को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रही है, और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ट्रेडिंग 21 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। कैपिलरी टेक्नोलॉजीज नए शेयर जारी करके लगभग ₹345 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, प्रमोटर कैपिलरी टेक्नोलॉजीज इंटरनेशनल और निवेशक ट्रुडी होल्डिंग्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से 92.28 लाख से अधिक इक्विटी शेयर बेचेंगे। यह पहले के ड्राफ्ट फाइलिंग में उल्लिखित ₹430 करोड़ के ताज़ा इश्यू से कम है। जुटाई गई पूंजी का उपयोग रणनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा: ₹143 करोड़ क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए, ₹71.6 करोड़ उत्पादों और प्लेटफार्मों के अनुसंधान, डिजाइन और विकास के लिए, और ₹10.3 करोड़ कंप्यूटर सिस्टम खरीदने के लिए। शेष धनराशि अकार्बनिक विकास पहलों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए आवंटित की जाएगी। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, कंपनी ने सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों के लिए ₹1.03 करोड़ का लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में ₹6.8 करोड़ के घाटे से एक महत्वपूर्ण सुधार है। इसी अवधि में राजस्व 25 प्रतिशत बढ़कर ₹359.2 करोड़ हो गया। कैपिलरी टेक्नोलॉजीज एक ऐसे डोमेन में काम करती है जहाँ कोई प्रत्यक्ष सूचीबद्ध भारतीय प्रतिस्पर्धी नहीं हैं, लेकिन यह विश्व स्तर पर सेल्सफोर्स, एडोब और हबस्पॉट जैसे दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा करती है। प्रभाव: यह IPO भारतीय प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है, जो निवेशकों को एक बढ़ती AI-केंद्रित SaaS कंपनी में निवेश करने का अवसर प्रदान करता है। सफल लिस्टिंग इस क्षेत्र में निवेशक विश्वास को बढ़ा सकती है। रेटिंग: 7/10।

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