Caliber Mining and Logistics Ltd के IPO में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। यह इश्यू **146.64** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है, जिसकी मुख्य वजह संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की भारी दिलचस्पी रही। कंपनी कुल **450 करोड़** रुपये जुटाएगी, जिसका इस्तेमाल बिजनेस बढ़ाने में किया जाएगा।
Detailed Coverage
IPO में निवेशकों का रहा जबरदस्त उत्साह
Caliber Mining and Logistics Ltd का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) मंगलवार को बंद हुआ और सभी कैटेगरी के निवेशकों की ओर से इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कुल मिलाकर, यह इश्यू 146.64 गुना सब्सक्राइब हुआ। बोली लगने के लिए 114.90 करोड़ से ज्यादा शेयर आए, जबकि इश्यू का साइज करीब 78.35 लाख शेयरों का था।
संस्थागत खरीदारों की रही बड़ी भूमिका
सब्सक्रिप्शन में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) का बड़ा योगदान रहा। NIIs, जिनमें हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और कॉरपोरेट इन्वेस्टर्स शामिल होते हैं, उनके लिए रिजर्व हिस्से में 267.36 गुना की बोली लगी। वहीं, QIBs (बैंक, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां) ने 240.71 गुना ज्यादा शेयरों के लिए आवेदन किया। रिटेल निवेशकों ने भी 41.15 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ अच्छी दिलचस्पी दिखाई।
IPO की वित्तीय संरचना
कंपनी ने IPO के लिए 402 से 424 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। 450 करोड़ रुपये के कुल इश्यू साइज में 400 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर्स की ओर से 50 करोड़ रुपये का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। पब्लिक लॉन्च से पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों से 135 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक जुटाए थे, जो कि रिटेल निवेशकों के लिए इश्यू खुलने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल में संस्थागत विश्वास को दर्शाता है।
बिजनेस मॉडल और कामकाज
साल 2014 में स्थापित Caliber Mining and Logistics माइनिंग सपोर्ट सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। कंपनी ओवरबर्डन रिमूवल (खनिज भंडारों को उजागर करने के लिए मिट्टी और चट्टान को हटाना), कोयला निष्कर्षण और लॉजिस्टिक्स जैसी विशेष सेवाएं प्रदान करती है। निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि कंपनी खदान की मालिक न होकर एक सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम करती है। इसका परिचालन मुख्य रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में केंद्रित है। चूंकि कंपनी जिन खदानों में सेवाएं देती है, उनका मालिकाना हक उसके पास नहीं है, इसलिए इसका रेवेन्यू खदान मालिकों के साथ अनुबंध हासिल करने और उन्हें पूरा करने पर निर्भर करता है। भविष्य का वित्तीय प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इन अनुबंधों को बनाए रखने, इस पूंजी-गहन क्षेत्र में परिचालन लागत का प्रबंधन करने और अपने परिचालन क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले नियामक माहौल को कितनी अच्छी तरह से नेविगेट कर पाती है। DAM Capital Advisors Ltd ने इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर के तौर पर काम किया। आवेदकों के लिए अगला महत्वपूर्ण कदम शेयर आवंटन को अंतिम रूप देना होगा, जिसके बाद शेयरों को डीमैट खातों में क्रेडिट किया जाएगा और फिर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग होगी।
