Bombay Coated & Special Steels आगामी 5 नवंबर, 2026 को शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹82 तय किया गया है। हालांकि ग्रे मार्केट में अच्छे संकेत हैं, लेकिन लिस्टिंग के बाद कंपनी के कर्ज और क्लाइंट रिस्क पर नजर रखना जरूरी है।
बाजार में दस्तक
Bombay Coated & Special Steels 5 नवंबर, 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट होने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने हाल ही में अपना ₹183.06 करोड़ का IPO पूरा किया है, जिसका फाइनल प्राइस ₹82 प्रति शेयर तय हुआ था। ग्रे मार्केट के रुझानों के मुताबिक, निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 10% के प्रीमियम की उम्मीद है।
जबरदस्त रिस्पॉन्स
इन्वेस्टर्स का भरोसा इस IPO में साफ दिखा, जहां इश्यू कुल 63.89 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का दबदबा रहा, जिन्होंने 166.44 गुना बोलियां लगाईं। वहीं, रिटेल निवेशकों का हिस्सा 35.46 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 37.32 गुना भरा।
वैल्युएशन और सेक्टर कॉम्पिटिशन
इश्यू प्राइस के हिसाब से कंपनी का पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप करीब ₹515.2 करोड़ बैठता है। इसका P/E रेशियो 16.9 है। निवेशक इसकी तुलना BMW Industries और Manaksia Coated Metals & Industries जैसी कंपनियों से कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि वैल्यूएशन के लिहाज से शेयर कितना आकर्षक है।
रिस्क फैक्टर और चिंताएं
निवेशकों को सिर्फ लिस्टिंग गेन पर ध्यान नहीं देना चाहिए। कुछ अहम बिंदु हैं जो लॉन्ग टर्म में असर डाल सकते हैं:
- हाई डेट (Debt): FY26 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.78 रहा है, जो काफी ज्यादा है। यह हाई लीवरेज आर्थिक अस्थिरता के दौरान कंपनी के प्रॉफिट पर दबाव बना सकता है।
- क्लाइंट कंसंट्रेशन रिस्क: कंपनी का एक बड़ा रेवेन्यू JSW Steel Coated Products Limited पर निर्भर है। अगर इस क्लाइंट की पॉलिसी में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो सीधे बिजनेस पर असर पड़ेगा।
लिस्टिंग के बाद स्टॉक में शुरुआती दिनों की वॉल्यूम और स्थिरता देखना बहुत महत्वपूर्ण होगा, ताकि यह पता चल सके कि मार्केट इस कंपनी को कैसे एक्सेप्ट करता है।
