Behari Lal Engineering IPO: आज खुलेगा अलॉटमेंट का पिटारा! **108** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, लिस्टिंग पर **30%** के मुनाफे की उम्मीद

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AuthorNeha Patil|Published at:
Behari Lal Engineering IPO: आज खुलेगा अलॉटमेंट का पिटारा! **108** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, लिस्टिंग पर **30%** के मुनाफे की उम्मीद

जिन निवेशकों ने Behari Lal Engineering के IPO में पैसा लगाया है, आज **17** अगस्त को उन्हें पता चल जाएगा कि उन्हें शेयर मिले हैं या नहीं। यह IPO **₹301.62 करोड़** का था और इसे निवेशकों का जबरदस्त प्यार मिला, यह **108.44** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। कंपनी के शेयर **19** अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

अलॉटमेंट का दिन आज!

निवेशक आज, 17 अगस्त 2026 को Behari Lal Engineering के IPO अलॉटमेंट स्टेटस का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी का ₹301.62 करोड़ का यह इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग 14 अगस्त को निवेशकों के भारी उत्साह के बीच बंद हुआ था।

निवेशकों का जबरदस्त इंटरेस्ट

इस इश्यू को कुल मिलाकर 108.44 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। खास बात यह है कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) की तरफ से 165 गुना से ज्यादा की बोली लगाई गई। रिटेल निवेशकों ने भी अपनी रिजर्व हिस्सेदारी को 53.27 गुना सब्सक्राइब करके अपनी दिलचस्पी दिखाई।

ग्रे मार्केट में शानदार संकेत

अलॉटमेंट की प्रक्रिया के बीच, कंपनी 19 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर अपने शेयर लिस्ट करने की तैयारी में है। लिस्टिंग से पहले, स्टॉक ग्रे मार्केट (Grey Market) में लगभग ₹84 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यह अपर प्राइस बैंड ₹285 पर 30% तक के लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है और इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

फंड का इस्तेमाल और कंपनी के रिस्क

Behari Lal Engineering इस इश्यू से मिले ₹93 करोड़ का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने में करेगी। इसमें पंजाब स्थित प्लांट्स में नई मशीनरी और सोलर इक्विपमेंट खरीदना शामिल है। ₹57 लाख का एक छोटा हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

सब्सक्रिप्शन के आंकड़े भले ही उत्साहजनक हों, लेकिन निवेशकों को कुछ जोखिमों के बारे में भी पता होना चाहिए। कंपनी का बिजनेस अभी मुख्य रूप से पंजाब के एक ही इलाके पर केंद्रित है, जिससे वहां किसी भी रुकावट का असर प्रोडक्शन पर पड़ सकता है। साथ ही, कंपनी स्टील स्क्रैप, पिग आयरन और अलॉय जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। कुछ बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता भी एक रिस्क फैक्टर है, क्योंकि किसी एक प्रमुख ग्राहक के जाने से रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।

अलॉटमेंट की प्रक्रिया MUFG Intime India द्वारा मैनेज की जा रही है। एप्लीकेंट्स रजिस्ट्रार की वेबसाइट या BSE/NSE पोर्टल्स पर अपने एप्लीकेशन नंबर या PAN के जरिए स्टेटस चेक कर सकते हैं। अगला बड़ा अपडेट 19 अगस्त को शेयरों की लिस्टिंग के बाद ट्रेडिंग एक्टिविटी के रूप में देखने को मिलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.