IPO से जुटी रकम का होगा क्या?
Bain Capital से समर्थित Dhoot Transmission Ltd. ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स को अपडेट किया है। इस IPO के जरिए कंपनी ₹1,400 करोड़ तक जुटाना चाहती है। यह फंड नए शेयर्स की बिक्री (fresh issuance) और ऑफर फॉर सेल (OFS) के ज़रिए इकट्ठा किया जाएगा। OFS में 1.63 करोड़ से ज़्यादा इक्विटी शेयर्स बेचे जाएंगे।
OFS के तहत, प्रमोटर शेयरहोल्डर BC Asia Investments XV Ltd. लगभग 1.31 करोड़ इक्विटी शेयर्स और Mangalam Capital Private Ltd. 31.18 लाख शेयर्स बेचेंगे। कंपनी जुटाए गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा अपने बकाया कर्ज को चुकाने में लगाएगी। इसमें पैरेंट कंपनी का ₹493.9 करोड़ का कर्ज चुकाना शामिल है, जबकि ₹272.58 करोड़ सब्सिडियरी कंपनियों के कर्ज को क्लियर करने के लिए रखे गए हैं। इन सब्सिडियरी में Dhoot Auto Components Private Ltd, Dhoot Electricals Systems Private Ltd, Dhoot Automotive Systems Private Ltd, और Dhoot Transmission UK Ltd. शामिल हैं।
इसके अलावा, Dhoot Transmission हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के शूलगिरी में नई वायरिंग हार्नेस निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए ₹150 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है। बाकी बचे पैसों का इस्तेमाल भविष्य में होने वाले अधिग्रहण (acquisitions) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, जो फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के बीच में होने की उम्मीद है।
कंपनी का बिजनेस और मार्केट में पकड़
साल 1999 में स्थापित Dhoot Transmission ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स के डिज़ाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण में माहिर है। अप्रैल 2025 में Bain Capital की एक एफिलिएट BC Asia Investments XV ने कंपनी में 49% हिस्सेदारी खरीदी थी। कंपनी भारत के दो-पहिया और तीन-पहिया वाहन वायरिंग हार्नेस बाजार में एक प्रमुख स्थान रखती है, FY25 में वैल्यू के हिसाब से इसका मार्केट शेयर 44.64% रहा। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट में भी इसकी मजबूत पकड़ है, जहां इसी अवधि में इसने इलेक्ट्रिक दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों के लिए वायरिंग हार्नेस के बाजार का 70% से ज़्यादा हिस्सा अपने नाम किया।
31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी के पास दुनिया भर में 22 विनिर्माण साइट्स, तीन इंजीनियरिंग सेंटर और सात गोदाम थे, और भारत में चार और प्लांट लगाने की योजना है। इसके प्रमुख ग्राहकों में Bajaj Auto Ltd, TVS Motor Company Ltd, Honda Motorcycle and Scooter India Private Ltd, और Eicher Motors Ltd का Royal Enfield बिज़नेस जैसे बड़े ऑटोमोटिव निर्माता शामिल हैं।
दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में ज़बरदस्त ग्रोथ देखी गई है। FY25 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स 62% बढ़कर ₹3,444.86 करोड़ हो गया, जो FY23 में ₹2,125.86 करोड़ था। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹163.91 करोड़ से दोगुना से ज़्यादा बढ़कर ₹353.89 करोड़ हो गया। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो FY23 में ₹298.68 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹590.96 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी 14.05% से बढ़कर 17.15% हो गया। वायरिंग हार्नेस कंपनी के रेवेन्यू का सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जिसने FY25 के रेवेन्यू में 78% का योगदान दिया। FY25 में कंपनी के रेवेन्यू में भारत का योगदान लगभग 90% था, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट का योगदान FY23 के 8.05% से बढ़कर 25.2% हो गया। Dhoot Transmission को उम्मीद है कि भारत के दो और तीन-पहिया बाज़ारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग से उसे फायदा होगा।
