मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर कंपनी Baanganga Gold & Diamond (I) Ltd ने बाजार से फंड जुटाने के लिए DRHP फाइल किया है। कंपनी इस IPO के जरिए **₹720 करोड़** जुटाना चाहती है, जिसमें **₹540 करोड़** का फ्रेश इश्यू और **₹180 करोड़** का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
IPO की संरचना और रणनीति
कंपनी ने SEBI के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में बताया है कि वे इस फंड का बड़ा हिस्सा अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में खर्च करेंगे। प्रमोटर्स नवरतनमल जीतमाल गन्ना और जिनेश नवरतनमल गन्ना इस ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
B2B बिजनेस का गणित
Baanganga Gold & Diamond का बिजनेस मॉडल आम ज्वेलरी रिटेल स्टोर्स से बिल्कुल अलग है। यह कंपनी मुख्य रूप से Joyalukkas India, Malabar Gold and Diamonds और Kalyan Jewellers जैसे बड़े रिटेल ब्रांड्स को ज्वेलरी सप्लाई करती है। इस काम में वर्किंग कैपिटल की भारी मांग होती है क्योंकि कंपनी को बल्क ऑर्डर्स पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में गोल्ड और डायमंड इन्वेंट्री संभालनी पड़ती है। फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ₹405 करोड़ का निवेश फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2029 के बीच वर्किंग कैपिटल के लिए करेगी।
मार्केट की स्थिति
31 जुलाई, 2026 तक कंपनी के पास 5,00,000 से ज्यादा डिजाइन्स की लाइब्रेरी है और भारतीय होलसेल गोल्ड ज्वेलरी मार्केट में इनकी हिस्सेदारी लगभग 1.9% है। अनुमान है कि भारत का होलसेल ज्वेलरी मार्केट, जो 2025 में ₹2.18 लाख करोड़ का था, 2030 तक बढ़कर ₹4.02 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उतार-चढ़ाव काफी रहता है। कच्चे माल (सोना और हीरा) की कीमतों में तेजी आने पर मार्जिन प्रभावित हो सकता है, अगर कंपनी उसे रिटेल क्लाइंट्स पर नहीं डाल पाई। साथ ही, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा बड़े ग्राहकों पर निर्भर है।
इस इश्यू के लिए DAM Capital Advisors को बुक रनिंग लीड मैनेजर और KFin Technologies को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। अब निवेशकों को SEBI की ऑब्जर्वेशन और इश्यू प्राइस के फाइनल ऐलान का इंतजार है।
