BLS Polymers का IPO अंतिम दिन **115.52 गुना** सब्सक्राइब हुआ है, जबकि SFC Environmental Technologies को अभी भी पूरी सब्सक्राइबिंग का इंतजार है, जिसका आंकड़ा फिलहाल **0.91 गुना** पर अटका है।
प्राइमरी मार्केट में दो अलग-अलग तस्वीरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। जहां एक तरफ BLS Polymers को लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर SFC Environmental Technologies के सामने न्यूनतम सब्सक्रिप्शन का लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती बनता जा रहा है।
BLS Polymers: निवेशकों में मची होड़
BLS Polymers के इश्यू को निवेशकों का भरपूर प्यार मिला है। कंपनी का IPO अपने अंतिम दिन कुल 115.52 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस तूफानी मांग के पीछे मुख्य भूमिका नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की रही, जिन्होंने अपने हिस्से के मुकाबले 328.86 गुना आवेदन किए हैं। रिटेल निवेशकों का पार्टिसिपेशन भी 79.57 गुना रहा, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 18.44 गुना दांव लगाया है।
कंपनी इस IPO के जरिए ₹255 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। चूंकि मांग सप्लाई से बहुत ज्यादा है, इसलिए शेयर अलॉटमेंट मिलना काफी मुश्किल रहने वाला है। एंकर निवेशकों से पहले ही ₹76.50 करोड़ जुटाए जा चुके हैं, जिससे कंपनी की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। इसका प्राइस बैंड ₹142-150 प्रति शेयर तय किया गया है।
SFC Environmental: सुस्त शुरुआत का दौर
दूसरी ओर, SFC Environmental Technologies के लिए राह आसान नहीं दिख रही है। ₹668 करोड़ के इस इश्यू को अब तक मात्र 0.91 गुना ही सब्सक्राइब किया गया है। यदि यह IPO पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो पाता है, तो कंपनी लिस्टिंग की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पाएगी और निवेशकों का पैसा वापस करना होगा।
कंपनी का लक्ष्य कर्ज घटाना है, लेकिन बाजार की सुस्ती साफ दिख रही है। रिटेल कैटेगरी में रिस्पांस 0.58 गुना रहा है। हालांकि एंकर निवेशकों ने पहले ₹200 करोड़ निवेश किए थे, लेकिन पब्लिक मार्केट में उत्साह की कमी साफ है।
ये दोनों ही कंपनियां 3 नवंबर 2026 को शेयर बाजार में डेब्यू करने वाली हैं, बशर्ते सब्सक्रिप्शन की प्रक्रिया पूरी हो जाए।
